धामी कैबिनेट बैठक में 18 बड़े फैसलों पर मुहर: युवाओं के लिए आयु सीमा में छूट, परिवहन और शिक्षा पर बड़े निर्णय


उत्तराखंड: धामी कैबिनेट बैठक में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर, युवाओं और ठेकेदारों को बड़ी राहत; पढ़ें सभी मुख्य फैसले

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज राजधानी देहरादून में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार, शिक्षा और आधारभूत ढांचे को लेकर कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।

कुंभ मेला 2027 के लिए वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण

​आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को गति देने के लिए कैबिनेट ने अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि की है। अब मेला अधिकारी 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वयं स्वीकृत कर सकेंगे। वहीं, गढ़वाल आयुक्त को 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति देने का अधिकार दिया गया है। इससे अधिक राशि के कार्यों के लिए शासन स्तर से अनुमति लेनी होगी।

युवाओं और सरकारी नौकरियों में बड़े बदलाव

​युवाओं के हित में वन विभाग की नियमावली में बड़े संशोधन किए गए हैं:

  1. आयु सीमा में छूट: वन दरोगा पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 35 वर्ष कर दिया गया है। वहीं, वन आरक्षी (Forest Guard) के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है।
  2. विशेष शिक्षा: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के क्रम में विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए ‘विशेष शिक्षक शिक्षा नियमावली’ को मंजूरी दी गई है।
  3. प्रतीक्षा सूची: कार्मिक विभाग के अंतर्गत अब प्रतीक्षा सूची (Waitlist) को एक वर्ष के भीतर प्राप्त होने पर वैध माना जाएगा।

परिवहन विभाग: बढ़ेगी बसों की संख्या

​परिवहन विभाग में बसों की कमी को दूर करने के लिए कैबिनेट ने 250 नई बसें खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जीएसटी (GST) दरों में कमी आने के कारण अब विभाग 100 के बजाय 109 अतिरिक्त बसें खरीद सकेगा। इसके अलावा, विभाग में परिवर्तन पर्यवेक्षक और सिपाहियों के लिए नई वर्दी का निर्धारण भी किया गया है।

मदरसों के लिए नई मान्यता नीति

​उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 के तहत अब कक्षा 1 से 12 तक के मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, सरकार ने इसमें सरलीकरण किया है:

  • ​प्रदेश के 452 मदरसे, जो कक्षा 8वीं तक संचालित हैं, उन्हें जिला स्तर से ही मान्यता मिल जाएगी।
  • ​केवल 52 मदरसे, जो 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा दे रहे हैं, उन्हें उत्तराखंड बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को नई नीति

​वन विभाग ने ‘वन सीमा मौन पालन (मधुमक्खी पालन) आजीविका एवं मानव वन्यजीव संघर्ष नियमावली 2026’ को मंजूरी दी है। इसके तहत वन क्षेत्रों की सीमा पर मधुमक्खी पालन किया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी, बल्कि हाथियों और मनुष्यों के बीच होने वाले संघर्ष में भी कमी आएगी।

ठेकेदारों और उद्योगों के लिए राहत

  • D श्रेणी के ठेकेदार: वित्त विभाग ने राज्य के छोटे ठेकेदारों को बड़ी राहत देते हुए ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी है।
  • गन्ना मूल्य: उद्योग विभाग में गन्ने के भाड़े या संबंधित शुल्क में 7 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

उच्च शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

​मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब इसे 21 अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में भी लागू किया जाएगा, जहाँ स्थायी प्राचार्य तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग (PWD) में जेई के 6 रिक्त पदों के सृजन और शैक्षिक संवर्ग नियमावली को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दिखाई है।

​आज की कैबिनेट बैठक में लिए गए ये निर्णय दर्शाते हैं कि सरकार का फोकस आगामी कुंभ मेले की भव्यता के साथ-साथ युवाओं के रोजगार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *