रामनगर (नैनीताल)। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढिकाला रेंज में आगामी मानसून सत्र के मद्देनजर ‘ऑपरेशन मानसून-2026’ का शानदार आगाज हो गया है। उत्तराखंड सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस विशेष अभियान की शुरुआत की। मानसून के दौरान जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए हर साल यह ऑपरेशन चलाया जाता है। इस बार आधुनिक तकनीक, ई-सर्विलांस और ड्रोन की मदद से शिकारी गतिविधियों और वन्यजीवों की सुरक्षा पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाएगी।
मानसून में वन्यजीवों की सुरक्षा बड़ी चुनौती
कॉर्बेट प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मानसून काल के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा एक बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इस मौसम में लगातार होने वाली भारी वर्षा, उफनती नदियां-नाले, बेहद घने वन क्षेत्र और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां वन्यजीवों की निगरानी और संरक्षण कार्यों में बड़ी बाधा बनती हैं।
अक्सर देखा जाता है कि इस अवधि में कई वन्यजीव सुरक्षित ठिकानों की तलाश में अपने सामान्य क्षेत्र से बाहर निकल आते हैं। ऐसे में वे मानव बस्तियों या कृषि क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) की घटनाओं की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही, मानसून में दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने और कठिन रास्तों के कारण वन्यजीवों की लगातार मॉनिटरिंग, अवैध शिकार (पोचिंग) की रोकथाम और आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

आधुनिक तकनीक और ई-सर्विलांस से होगी 24 घंटे निगरानी
चुनौतियों से निपटने के लिए कॉर्बेट प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है। पार्क की विशेष रूप से दक्षिणी सीमा पर स्थापित ई-सर्विलांस टावरों के माध्यम से चौबीसों घंटे हाई-टेक निगरानी रखी जा रही है। इन टावरों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए प्रशिक्षित वन कर्मियों को तैनात किया गया है। टावरों से मिलने वाली हर छोटी-बड़ी इनपुट और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
पार्क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निम्नलिखित पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
- 100 से अधिक चौकियां/एंटीपोचिंग चौकियां: सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में चौकियां सक्रिय हैं।
- वॉच टावर और कैमरा ट्रैप: विभिन्न वॉच टावरों और अत्याधुनिक कैमरा ट्रैप के जरिए हर हलचल रिकॉर्ड की जा रही है।
- GPS आधारित ट्रैकिंग: गश्ती दलों की लाइव लोकेशन और मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।
- ड्रोन और आधुनिक वायरलेस: हवाई निगरानी के लिए ड्रोन और त्वरित संचार के लिए आधुनिक वायरलेस नेटवर्क तैयार है।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और तैयारियां पूरी: निदेशक
इस महत्वपूर्ण अवसर पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला (IFS) ने बताया कि ऑपरेशन मानसून-2026 के तहत सभी संवेदनशील क्षेत्रों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया है और आवश्यक तैयारियां पूरी हैं। उन्होंने कहा कि मानसून अवधि में वनों व वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभागीय संसाधनों को पूरी तरह सुदृढ़ किया गया है।
निदेशक ने जानकारी दी कि वर्तमान में कॉर्बेट के पास प्रशिक्षित वन कर्मी, गश्ती दल, विभागीय हाथी, गश्ती वाहन, एटीवी (ऑल-टेरेन व्हीकल), मोटर बोट और आधुनिक हथियारों का एक मजबूत नेटवर्क उपलब्ध है। मानसून के दौरान विशेष रूप से उफनते नदी-नालों और संवेदनशील वन क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। प्रत्येक रेंज में मौजूद वॉच टावरों को मजबूत किया गया है, जहां समय-समय पर वन कर्मियों द्वारा ‘रात्रि एम्बुश’ (रात की गश्त और घात लगाना) लगाया जाएगा।

वन संपदा राज्य की अमूल्य धरोहर: वन मंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधन और वन संपदा इस राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। ऑपरेशन मानसून के दौरान इनकी रक्षा करना सरकार और वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है, इसलिए यहां वनों और वन्यजीवों के संरक्षण की जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी पूरी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की भावना से काम करने वाले वन कर्मियों का उत्साहवर्धन किया और इसे पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक बताया।
भ्रमण के दौरान दिखे बाघ और हाथी
वन क्षेत्र में भ्रमण के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल को बाघ, हाथियों और चीतलों के झुंड के दीदार हुए। वन्यजीवों को प्राकृतिक आवास में स्वच्छंद विचरण करते देख उन्होंने बेहद प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ख्याति वैश्विक पटल पर और अधिक बढ़ेगी और इसके लिए उन्होंने सभी के सहयोग की अपेक्षा की।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
ऑपरेशन मानसून के शुभारंभ के इस खास मौके पर वन मंत्री सुबोध उनियाल के साथ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला (IFS), उप निदेशक राहुल मिश्रा (IFS), पार्क वार्डन बिन्दर पाल, ढिकाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी उमेश चन्द्र आर्या, वन दरोगा विनोद बिष्ट, वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी, वन दरोगा महेश जोशी और वन आरक्षी कृष्ण चन्द्र पन्त सहित वन विभाग के तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।