देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के छह प्रमुख जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है, उनमें देहरादून, पौड़ी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत शामिल हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
रुद्रप्रयाग जिले में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यहां अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मौसम विभाग ने आम जनता, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से नदी-नालों के किनारे न जाने और पर्वतीय इलाकों में बहुत जरूरी न होने पर यात्रा से बचने की सख्त अपील की है।
पहाड़ों में मूसलाधार बारिश और मैदानों में बिजली गिरने की आशंका
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के देहरादून केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज से अतितीव्र बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। इसके साथ ही, मैदानी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय मार्गों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की घटनाएं बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पहाड़ों में अचानक चट्टानें खिसकने या मलबे के सड़क पर आने से यातायात बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
राजधानी देहरादून में दिनभर छाए रहेंगे बादल, तेज बौछारों का अनुमान
राज्य की राजधानी देहरादून में शनिवार को दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शहर में कई दौर की हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज मूसलाधार बौछारें पड़ने के आसार हैं।
इसके अलावा देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है। तापमान की बात करें तो शनिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। बारिश की वजह से तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उमस से राहत मिली है।
बीते 24 घंटों में मसूरी में हुई सबसे ज्यादा बारिश
इससे पहले शुक्रवार को भी उत्तराखंड के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मसूरी में सबसे ज्यादा 70.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण मसूरी और आसपास के इलाकों में मौसम खुशनुमा हो गया, लेकिन साथ ही सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
मसूरी के अलावा देहरादून के हाथीबड़कला इलाके में 51.5 मिलीमीटर, पौड़ी में 24.5 मिलीमीटर और रायवाला क्षेत्र में 22.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश के बाद से ही पर्वतीय इलाकों के तापमान में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई है। हालांकि, नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
अगले तीन दिनों का मौसम: 4 अगस्त तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भी राज्य भर में भारी बारिश और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में मौसम का हाल कुछ इस प्रकार रहेगा:
- 2 अगस्त (रविवार): देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही तीव्र बारिश के दौर पड़ सकते हैं। मैदानी क्षेत्र हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी है।
- 3 अगस्त (सोमवार): देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। पहाड़ी रास्तों पर आकाशीय बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
- 4 अगस्त (मंगलवार): देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बौछारों के साथ आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में भी बादलों की गर्जना और बिजली गिरने के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल तैनात
नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस टीमों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है। यात्रियों और तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान और मार्ग की स्थिति अवश्य जांच लें।