नैनीताल। उत्तराखंड की न्यायिक राजधानी और प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल में लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या अब न्याय प्रणाली के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनने लगी है। शहर में लगने वाले लंबे जाम के कारण न केवल आम जनता और पर्यटक परेशान हैं, बल्कि इसका सीधा असर अब अदालतों के कामकाज पर भी पड़ रहा है। इसी गंभीर विषय को लेकर बार एसोसिएशन नैनीताल के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत से मुलाकात की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊँ आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर न्यायालय और अधिवक्ताओं से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक और प्रशासनिक समस्याओं से अवगत कराया। इस बैठक में मुख्य रूप से नगर में हर दिन लगने वाले यातायात जाम की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया।
जाम के कारण समय पर नहीं पहुँच पा रहे लोग, न्यायिक कार्य हो रहे प्रभावित
कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत से बातचीत के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंह बिष्ट ने कहा कि नैनीताल में लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण स्थानीय अधिवक्ताओं, दूर-दराज से आने वाले वादकारियों (मुकदमा लड़ने वाले लोगों) और स्वयं न्यायालय के कर्मचारियों को समय पर कोर्ट पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई बार महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के समय संबंधित पक्षकार या वकील जाम में फंसे होते हैं, जिससे लगातार न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर सुनवाई न होने से कोर्ट की कार्यवाही में देरी होती है, जिसका सीधा नुकसान उन गरीब और बेसहारा वादकारियों को उठाना पड़ता है जो न्याय की आस में दूर-दूर से नैनीताल आते हैं।

बार एसोसिएशन ने आयुक्त को दिए व्यावहारिक सुझाव
प्रतिनिधिमंडल ने केवल समस्या ही नहीं उठाई, बल्कि नैनीताल शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कई व्यावहारिक और महत्वपूर्ण सुझाव भी कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत के सामने रखे। अधिवक्ताओं का कहना था कि शहर के एंट्री पॉइंट्स पर ट्रैफिक मैनेजमेंट को और दुरुस्त करने की आवश्यकता है। साथ ही, पीक सीजन और वीकेंड्स पर वाहनों के संचालन के लिए एक ठोस और स्थाई रूट प्लान तैयार किया जाना चाहिए ताकि अदालती समय के दौरान वकीलों और वादकारियों की गाड़ियों को प्राथमिकता मिल सके। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने न्यायालय परिसर से जुड़ी विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग भी आयुक्त से की।
कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने दिया शीघ्र समाधान का आश्वासन
हाईकोर्ट और स्थानीय प्रशासनिक मामलों में त्वरित एक्शन के लिए जाने जाने वाले कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने बार एसोसिएशन की सभी बातों और सुझावों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिवक्ताओं की चिंता को जायज ठहराते हुए कहा कि नैनीताल में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। आयुक्त दीपक रावत ने मौके पर ही बार संघ के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले में जल्द ही पुलिस, परिवहन और स्थानीय प्रशासन सहित संबंधित सभी विभागों के साथ एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि वकीलों और वादकारियों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और प्रशासनिक समस्याओं का भी शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिवक्ता रहे उपस्थित
कुमाऊँ आयुक्त से मुलाकात करने वाले इस महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल में बार एसोसिएशन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और अधिवक्ता शामिल रहे। अध्यक्ष अरुण सिंह बिष्ट के साथ मुख्य रूप से उपाध्यक्ष कमल सुयाल, उपसचिव नीरज गोस्वामी, राकेश सुयाल, दयाकिशन पोखरिया, शिवांशु जोशी, नवीन भट्ट, मुकेश कुमार, सरिता बिष्ट एवं जया आर्या सहित भारी संख्या में अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि कुमाऊँ आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद नैनीताल की इस गंभीर समस्या का जल्द ही कोई सकारात्मक और स्थाई समाधान निकल कर सामने आएगा।