Uttarakhand Bank Scam: उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में 54 लाख का गबन, पूर्व कैशियर अभिलाष शर्मा देहरादून से गिरफ्तार
टिहरी:उत्तराखंड में जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा में हुए करीब 54 लाख रुपए के हाई-प्रोफाइल गबन मामले में पुलिस ने तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बैंक के कई खाताधारकों के फर्जी हस्ताक्षर और नकली निकासी वाउचर (Withdrawal Vouchers) के जरिए इस बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। पुलिस अब इस मामले में फंड फ्लो और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की सघन जांच कर रही है।
ऐसे सामने आया 54 लाख रुपए का बैंक घोटाला
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा में पिछले कुछ समय से वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने एक आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) और जांच समिति का गठन किया। इस समिति की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बैंक के तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। आरोपी ने कई सीधे-साधे खाताधारकों को निशाना बनाया और उनके खातों से फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी निकासी वाउचरों के माध्यम से अवैध रूप से ₹54 लाख की भारी-भरकम राशि उड़ा ली।
गबन का खुलासा होते ही बीते 30 जून को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक ने थाना छाम में ई-एफआईआर (e-FIR) के माध्यम से मामला दर्ज कराया। बैंक की ओर से दी गई आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देश पर बनी स्पेशल पुलिस टीम
मामले की संवेदनशीलता और गबन की बड़ी रकम को देखते हुए टिहरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्वेता चौबे ने तत्काल एक्शन लिया। एसएसपी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी और क्षेत्राधिकारी चंबा के पर्यवेक्षण में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस स्पेशल टीम ने बैंक के सभी अहम अभिलेखों, प्रभावित खाताधारकों के बैंक स्टेटमेंट, निकासी वाउचरों और अन्य डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की।
जांच के दौरान पुलिस को पुख्ता सबूत मिले कि कैशियर अभिलाष शर्मा ने गबन की गई इस मोटी रकम का एक बड़ा हिस्सा न केवल अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किया, बल्कि अपने रिश्तेदारों के खातों में भी भेजा था।
देहरादून में दबिश देकर आरोपी को दबोचा
ठोस सबूत हाथ लगने के बाद स्पेशल पुलिस टीम ने आरोपी की धरपकड़ के लिए देहरादून में दबिश दी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 जुलाई को आरोपी पूर्व कैशियर अभिलाष शर्मा (पुत्र विजय शर्मा) को उसके निवास स्थान शक्ति कॉलोनी, प्रेमनगर रोड, बड़ोवाला (देहरादून) से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में जुट सकती हैं कई और कड़ियां: एसएसपी टिहरी
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए टिहरी की एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया, “उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के कमांद शाखा प्रबंधक की इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर थाना छाम में 54 लाख रुपए के गबन का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि बैंक में तैनात कैशियर अभिलाष शर्मा अलग-अलग अकाउंट होल्डर्स के फर्जी साइन कर नकली विड्रोल वाउचर बनाता था और पैसे अपने व रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करता था।”
एसएसपी ने आगे कहा कि सभी साक्ष्यों के आधार पर अभिलाष शर्मा को मुख्य आरोपी पाते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे घोटाले में बैंक का कोई अन्य कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति तो शामिल नहीं था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गबन की गई राशि का इस्तेमाल कहां किया गया है।