रामनगर। मानसून सत्र के दौरान वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कार्यालय फील्ड डायरेक्टर के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में कार्बेट टाइगर रिजर्व की विभिन्न रेंजों, सुरक्षा इकाई, रामनगर वन प्रभाग और स्थानीय पुलिस बल ने संयुक्त रूप से सांवल्दे वन परिसर से गर्जिया वन परिसर तक एक विशाल फ्लैग मार्च निकाला। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षाकाल में वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना है।
फ्लैग मार्च की शुरुआत से पहले सभी संबंधित सुरक्षा दलों का स्टाफ सांवल्दे वन परिसर में एकत्रित हुआ। यहाँ वन क्षेत्राधिकारी बिजरानी नवीन चन्द्र पाण्डे ने पूरे स्टाफ को ब्रीफिंग दी। उन्होंने फ्लैग मार्च के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि मानसून के समय में वन विभाग की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। इस दौरान केवल गश्त करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि अवैध शिकारियों और असामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करना और स्थानीय जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना भी बेहद जरूरी है।

मानसून सत्र में फ्लैग मार्च के प्रमुख उद्देश्य:
वन विभाग द्वारा इस विशेष सुरक्षा अभियान के तहत निम्नलिखित रणनीतिक लक्ष्यों पर काम किया जा रहा है:
- सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: वर्षाकाल में जंगलों के भीतर अवैध गतिविधियों, पेड़ों के कटान और वन अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना।
- अपराधियों में कानून का भय: वन क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले संदिग्धों, शिकारियों और असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ पैदा करना ताकि वे किसी भी अवैध कार्य की हिम्मत न कर सकें।
- संवेदनशील क्षेत्रों में उपस्थिति: कार्बेट रिजर्व के अतिसंवेदनशील और संवेदनशील इलाकों में वन कर्मियों की नियमित गश्त और उपस्थिति को अधिक प्रभावी बनाना।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगाम: मानसून के दौरान वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण करना और इंसानों व वन्यजीवों के बीच टकराव को टालने के लिए जरूरी कदम उठाना।
- सामंजस्य और त्वरित कार्रवाई: विभिन्न सुरक्षा दलों, रेंजों और पुलिस के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी रिस्पॉन्स दिया जा सके।
- जन-जागरूकता और संवाद: स्थानीय ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत विभाग को देने के लिए प्रेरित करना।
सघन तलाशी और संदिग्ध ठिकानों की जांच
सुरक्षा निर्देशों के बाद भारी संख्या में वन कर्मियों और पुलिस बल का यह मार्च सांवल्दे वन परिसर से शुरू होकर कानियाँ, चोरपानी, कोटद्वार रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309 से होते हुए गर्जिया वन परिसर तक पहुँचा। इस रूट पर पड़ने वाले स्थानीय रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग की गई। रेलवे स्टेशन के पास अस्थाई रूप से डेरा डाले घुमंतू समुदाय के लोगों के डेरों की भी गहन जांच की गई, ताकि बाहरी तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

आम जनमानस से विशेष अपील
वन विभाग ने इस फ्लैग मार्च के माध्यम से आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान नदी-नालों के उफान पर होने और घने जंगलों के कारण वन्यजीवों का मूवमेंट रिहायशी इलाकों के करीब बढ़ जाता है। इसलिए स्थानीय नागरिक और पर्यटक जंगलों के भीतर प्रवेश करने से बचें। साथ ही, क्षेत्र में किसी भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति के दिखाई देने पर उसकी सूचना तुरंत नजदीकी वन चौकी या पुलिस को दें।
संयुक्त अभियान में ये रहे शामिल
इस बेहद सफल फ्लैग मार्च में कार्बेट टाइगर रिजर्व से बिजरानी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवीन चन्द्र पाण्डे, उपराजिक भूपेन्द्र सिंह चौहान, वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी, वन दरोगा मानसी अरोरा, वन आरक्षी प्रमोद कुमार सत्यवली, प्रमोद डोर्वी, कृष्ण चन्द्र पंत, प्रवेश कुमार, संजय कुमार, संदीप सिंह शामिल रहे। वहीं सुरक्षा इकाई से वन आरक्षी महेश बौड़ाई, सुदेश कुमार सैनी और सर्पदुली रेंज से वन दरोगा मुकेश सिंह व वन आरक्षी जगदीश चन्द्र, असलम ने अपनी सेवाएं दीं। रामनगर वन प्रभाग से वन आरक्षी साबरी खातून, पूजा गूठलाकोटी सहित स्थानीय पुलिस गार्द का स्टाफ भी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने में मुस्तैद रहा। मार्च के सफल समापन पर वन क्षेत्राधिकारी नवीन चन्द्र पाण्डे ने सभी जवानों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।