हेल्प करने के नाम पर जेब खाली करने वाला गैंग गिरफ्तार
देहरादून।एटीएम बूथ पर अनजाने लोगों से मदद लेना कितना भारी पड़ सकता है, इसका खुलासा देहरादून की विकासनगर पुलिस ने किया है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह को बेनकाब किया है जो बुजुर्गों, महिलाओं और सीधे-सादे लोगों को निशाना बनाकर पलक झपकते ही उनका बैंक खाता खाली कर देता था। यह गिरोह मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदल लेता था और कुछ ही देर में पीड़ित की जमापूंजी उड़ा देता था। पुलिस की मुस्तैदी से इस बड़े जालसाज गिरोह के चार सदस्यों को धर दबोचा गया है।
हाथ की सफाई का पूरा खेल: कैसे बनाते थे शिकार?
ठगी का यह पूरा तरीका बेहद शातिराना था। गिरोह के सदस्य एटीएम बूथ के आसपास घात लगाकर खड़े रहते थे। जैसे ही कोई ऐसा व्यक्ति दिखता जिसे एटीएम चलाने में परेशानी हो रही हो, ये तुरंत ‘मददगार’ बनकर आगे आते थे।
- पिन पर नजर: मदद करने के दौरान आरोपी चुपके से पीड़ित का एटीएम पिन देख लेते थे।
- कार्ड की हेराफेरी: इसके बाद बातों-बातों में उलझाकर असली कार्ड अपने पास रख लेते थे और जेब से निकालकर उसी बैंक जैसा दिखने वाला कोई फर्जी या दूसरा कार्ड थमा देते थे।
- खाता साफ: पीड़ित व्यक्ति गलत कार्ड लेकर घर लौट जाता और पीछे से आरोपी असली कार्ड और पिन की मदद से पूरे पैसे निकाल लेते थे।
हरबर्टपुर में घेराबंदी: चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़े शातिर
21 अगस्त को विकासनगर पुलिस हरबर्टपुर चौक क्षेत्र में रूटीन गश्त और चेकिंग पर थी। इसी दौरान मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि स्विफ्ट कार और बाइक सवार चार संदिग्ध एटीएम बदलकर ठगी की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पोंटा रोड पर ढालीपुर पुल के पास घेराबंदी की। आम के बगीचे के पास खड़ी कार में मौजूद चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर जब तलाशी ली गई, तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
बरामदगी देख उड़े पुलिस के होश
आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाला भारी सामान और हथियार बरामद हुए:
| बरामद सामान | संख्या / विवरण |
|---|---|
| विभिन्न बैंकों के एटीएम/डेबिट कार्ड | 192 |
| अवैध हथियार | 12 बोर देसी तमंचा एवं 2 जिंदा कारतूस |
| वाहन | 1 स्विफ्ट कार एवं 1 बाइक |
| अन्य सामान | 2 मोबाइल फोन और ₹1,200 नकद |
6 राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों की पहचान जगमोहन (सहारनपुर), नीटू (मुजफ्फरनगर), सोनू (सहारनपुर) और आशु कुमार (रुड़की) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह की जड़ें सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं थीं। ये आरोपी हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, असम और उत्तर प्रदेश में भी दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह के कुछ सदस्य पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं। फिलहाल पुलिस बरामद किए गए सभी 192 कार्डों के जरिए पुरानी ठगी की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
एटीएम इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड हाथ में न दें।
- पिन दर्ज करते समय कीपैड को दूसरे हाथ से ढक लें।
- यदि लेन-देन में कोई समस्या आए, तो किसी बैंक कर्मचारी से ही संपर्क करें।
- लेनदेन पूरा होने के बाद यह जरूर जांच लें कि आपके पास आपका ही असली कार्ड है।