रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला जनपद रुद्रप्रयाग से सामने आया है, जहां बुधवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और स्थानीय लोगों में गहरा शोक व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीरी–ककोला मोटर मार्ग पर एक कार (UK 13 TA 1991) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। बताया जा रहा है कि वाहन भीरी से औरिंग की ओर जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। हादसा इतना भयावह था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) का नियंत्रण कक्ष तुरंत सक्रिय हो गया। SDRF पोस्ट अगस्त्यमुनि से उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पंवार के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। देर रात का समय, घना अंधेरा और दुर्गम पहाड़ी रास्ते होने के बावजूद टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
जब SDRF टीम घटनास्थल पर पहुंची तो उन्होंने पाया कि कार खाई में बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि खाई की गहराई अधिक थी और इलाके की भौगोलिक स्थिति भी बेहद कठिन थी। इसके बावजूद टीम ने साहस और तत्परता दिखाते हुए अभियान को जारी रखा।
रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद एक शव को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचा दिया, जबकि अन्य शवों को बाहर निकालने का कार्य जारी रखा गया। इस दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया और SDRF टीम के साथ मिलकर राहत कार्य में सहयोग करने लगा।
मृतकों की पहचान नवीन सिंह (30 वर्ष) पुत्र सुरेन्द्र सिंह निवासी औरिंग, अमित सिंह (35 वर्ष) पुत्र आनंद सिंह निवासी सुरसाल और अंशुल (28 वर्ष) पुत्र धनपाल निवासी सुरसाल के रूप में हुई है। तीनों युवक स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं और उनके निधन की खबर से उनके गांवों में मातम पसरा हुआ है।
प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वाहन अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीरी–ककोला मोटर मार्ग पर कई स्थान ऐसे हैं जहां सड़कें संकरी और जोखिम भरी हैं। अक्सर यहां वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। साथ ही, सड़कों की स्थिति सुधारने और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल, इस दुखद घटना के बाद पूरे रुद्रप्रयाग जिले में शोक की लहर है। प्रशासन और SDRF की टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा क्षेत्र के लिए एक बड़ी त्रासदी बनकर सामने आया है, जिसने सभी को गमगीन कर दिया है।
