डिजिटल साक्षरता की ओर बढ़ता उत्तराखंड: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
पिथौरागढ़।जनपद के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। युवा कल्याण विभाग और सत्यम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सत्यम कंप्यूटर) के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। इस पहल के तहत पंजीकरण प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया गया है।
संस्थान द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में प्रशिक्षण कक्षाएं प्रारंभ नहीं हुई हैं, बल्कि प्रथम चरण में इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर चयन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी, जिसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाएगा।
अनुसूचित जाति के युवाओं को मिलेगा विशेष लाभ
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु अनुसूचित जाति (SC) के युवक और युवतियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल युग में कंप्यूटर का ज्ञान केवल एक कौशल नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन गया है। ऐसे में यह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए वरदान साबित होगा जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे कोचिंग संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते हैं।
डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित युवाओं को ‘डाटा एंट्री ऑपरेटर’ (DEO) के रूप में तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पूर्णतः रोजगारपरक हो। इसमें निम्नलिखित विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- बेसिक कंप्यूटर ऑपरेशन्स: कंप्यूटर को संचालित करने की बुनियादी जानकारी।
- माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस: एम.एस. वर्ड (MS Word) और एम.एस. एक्सेल (MS Excel) में कुशलता।
- इंटरनेट एवं संचार: इंटरनेट सर्फिंग, ईमेल प्रबंधन और डिजिटल संचार।
- टाइपिंग स्किल: हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग में गति और शुद्धता पर विशेष ध्यान।
- प्रोजेक्ट वर्क: वास्तविक कार्य परिस्थितियों के अनुसार प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण।
प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कोर्स पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। यह सर्टिफिकेट सरकारी और निजी क्षेत्रों में नौकरी पाने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में काम करेगा।
पात्रता और आवश्यक दस्तावेज
इस निशुल्क प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए सरकार द्वारा कुछ मापदंड निर्धारित किए गए हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पंजीकरण के लिए अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेजों की छायाप्रति जमा करनी अनिवार्य है:
- हाई स्कूल (10वीं) की मार्कशीट।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र।
- [Aadhaar Redacted] कार्ड।
- एक पासपोर्ट साइज नवीनतम फोटो।
‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर चयन
चूंकि प्रशिक्षण के लिए सीटें सीमित हैं, इसलिए संस्थान “पहले आओ, पहले पाओ” की नीति अपना रहा है। आवेदनों की संख्या और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही कक्षाएं शुरू होने की तिथि की घोषणा की जाएगी। संस्थान के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।
युवा कल्याण विभाग की यह पहल राज्य में बेरोजगारी दर को कम करने और युवाओं को आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते अपने दस्तावेज जमा कर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
