उत्तराखंड कैबिनेट फैसले: प्रदेश में घर बनाना होगा महंगा, रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी 259 नई बसें


देहरादून: उत्तराखंड में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे आम लोगों के लिए एक बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए गए। इस बैठक में जहां एक ओर विकास कार्यों को गति देने की कोशिश की गई, वहीं दूसरी ओर खनन सामग्री पर रॉयल्टी बढ़ाकर राजस्व जुटाने का मार्ग भी प्रशस्त किया गया। कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश में रेत-बजरी की कीमतें बढ़ना तय है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

खनन सामग्री पर बढ़ी रॉयल्टी: निर्माण कार्यों पर पड़ेगा असर

​कैबिनेट बैठक के बाद सचिव (गोपन) शैलेश बगौली ने मीडिया सेंटर में ब्रीफिंग के दौरान बताया कि बैठक में कुल 17 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दी गई। इनमें सबसे प्रमुख फैसला औद्योगिक विकास विभाग के तहत ‘उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023’ में संशोधन को लेकर था।

​सरकार ने राज्य में खनन सामग्री (रेत, बजरी, पत्थर) पर रॉयल्टी की दरों में एक रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। अब तक यह दर 7 रुपये प्रति कुंतल थी, जो अब बढ़कर 8 रुपये प्रति कुंतल हो जाएगी। हालांकि एक रुपया सुनने में कम लग सकता है, लेकिन बड़े निर्माण कार्यों, सरकारी प्रोजेक्ट्स और निजी घरों के निर्माण में लगने वाली भारी मात्रा में सामग्री के चलते इसकी कुल लागत में काफी इजाफा देखने को मिलेगा।

परिवहन क्षेत्र में बड़ा सुधार: रोडवेज को मिलेंगी नई बसें

​कैबिनेट ने आम जनता को राहत देते हुए परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) के बेड़े में जल्द ही 259 नई बसें शामिल की जाएंगी।

​सचिव बगौली के अनुसार, पहले प्रस्ताव के तहत 250 नई बसों की खरीद की जाएगी। वहीं, दूसरे प्रस्ताव में एक तकनीकी संशोधन किया गया है। दरअसल, पहले 100 बसों की खरीद का प्रस्ताव था, लेकिन जीएसटी (GST) की दरों में कटौती (28% से घटकर 18% होने) के कारण सरकार को बजट में बचत हुई है। इसी बचत का लाभ उठाते हुए सरकार ने अब उसी बजट में 100 की जगह 109 बसें खरीदने का निर्णय लिया है। इन नई बसों के आने से पहाड़ी और मैदानी रूटों पर यात्रियों का सफर अधिक सुलभ और सुरक्षित हो सकेगा।

17 प्रस्तावों पर लगी मुहर

​धामी कैबिनेट की इस बैठक में केवल खनन और परिवहन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 17 प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। सरकार का ध्यान राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर केंद्रित रहा।

निष्कर्ष: आम आदमी पर दोहरी मार और राहत

​एक तरफ जहां खनन सामग्री की कीमतें बढ़ने से घर बनाने की लागत बढ़ेगी, वहीं रोडवेज बेड़े का विस्तार होने से सार्वजनिक परिवहन की स्थिति सुधरेगी। जानकारों का मानना है कि रॉयल्टी बढ़ने से निर्माण क्षेत्र में महंगाई बढ़ सकती है, जिससे रियल एस्टेट और निजी निर्माण कार्यों की गति पर असर पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन निर्णयों के क्रियान्वयन के बाद आम जनता को अन्य क्षेत्रों में किस प्रकार की राहत प्रदान करती है।

News Desk: Pahad Today

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