रामनगर/कालागढ़ । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर के निर्देशन में कॉर्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र, कालागढ़ और कालागढ़ रेंज द्वारा संयुक्त रूप से एक भव्य पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 5 जून 2026 को आयोजित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और जनमानस में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत करना रहा।

सुबह की शुरुआत: हाथी कैंप के पास पौधारोपण
पर्यावरण दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 8:00 बजे हुई। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ साकेत बडोला और कॉर्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक अमित कुमार ग्यासीकोटी के नेतृत्व में सभी प्रशिक्षणार्थियों और स्टाफ ने मिलकर पौधारोपण किया। हाथीकैंप के पश्चिम दिशा में आंवला, नीम, अमरूद, बांस, बहेड़ा और जामुन सहित कुल 30 पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही, कालागढ़ रेंज द्वारा हाथी कैंप के पूर्व दिशा में इन्हीं प्रजातियों के 20 और महत्वपूर्ण पौधे लगाए गए।

दीप प्रज्वलन और विचार गोष्ठी का आयोजन
पौधारोपण के बाद सुबह 8:30 बजे कॉर्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र, कालागढ़ के सभागार में एक विशेष विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत फील्ड डायरेक्टर डॉ साकेत बडोला, निदेशक अमित कुमार ग्यासीकोटी, वन क्षेत्राधिकारी नन्दकिशोर रुबाली, वन क्षेत्राधिकारी इन्द्र सिंह बिष्ट और संकाय सदस्य एमपी बिजल्वाण द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।
इसके बाद इन्द्र सिंह बिष्ट ने उपस्थित मीडियाकर्मियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों को न्यूनतम करने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। निदेशक अमित कुमार ग्यासीकोटी ने मुख्य अतिथि फील्ड डायरेक्टर डॉ साकेत बडोला का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया, जिसके बाद मुख्य भवन परिसर में आंवला और नीम के 02 विशिष्ट पौधों का रोपण किया गया।

‘Inspired by Nature’ थीम पर आधारित प्रस्तुतियाँ
इस वर्ष का पर्यावरण दिवस “Inspired by Nature, For Climate, For Our Future” थीम के साथ मनाया गया। इसी क्रम में समस्त हितधारकों के सहयोग से प्लास्टिक और अन्य अजैविक कूड़ा निस्तारण हेतु एक वृहद सफाई अभियान भी चलाया गया। सभागार में संकाय सदस्य अथहर महमूद सिद्दीकी ने मंच संचालन करते हुए वर्तमान वैश्विक थीम पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया। इस प्रस्तुतीकरण में उन्होंने वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए पौधारोपण करने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने, ऊर्जा की बचत करने और जल को प्रदूषित होने से बचाने का पुरजोर आह्वान किया।

प्रशिक्षु वन आरक्षियों ने रखी अपनी बात
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण ले रहे वन आरक्षियों ने भी विभिन्न पर्यावरणीय संकटों और उनके समाधानों पर प्रकाश डाला:
- हरेन्द्र सिंह रावत ने जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खतरों और प्रभावों को रेखांकित किया।
- हिमांशू बिष्ट ने ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारणों और उसे कम करने के उपायों पर बात की।
- अमरपाल सिंह ने सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले गंभीर जल व मृदा प्रदूषण पर चिंता जताई।
- राकेश कोहली ने वनों के कटान से उत्पन्न होने वाले पारिस्थितिक असंतुलन को सामने रखा।
- अनिल चन्द्र शाह ने वर्तमान समय में जल संकट और बढ़ते प्रदूषण की चुनौतियों को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
इसके उपरांत निदेशक अमित कुमार ग्यासीकोटी ने इन सभी चुनौतियों से व्यावहारिक और तकनीकी रूप से निपटने के महत्वपूर्ण उपाय साझा किए।

अधिकारियों का संदेश: ग्रामीण क्षेत्रों में फैलाएं जागरूकता
मुख्य अतिथि और फील्ड डायरेक्टर डॉ साकेत बडोला ने अपने संबोधन में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षणार्थियों से वर्तमान जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए नेतृत्व गुणों (Leadership Qualities) का विकास करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अग्रिम पंक्ति के वन कर्मी निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करें। पर्यावरण संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्लोबल चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता लाएं।
कार्यक्रम के अंत में संकाय सदस्य एमपी बिजल्वाण ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान देने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और उपस्थित जनों को जलपान के लिए आमंत्रित किया।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
इस वृहद आयोजन में वन क्षेत्राधिकारी इन्द्र सिंह बिष्ट, वेदपाल, मीडियाकर्मी सुनील कुमार, व०आ०/का०प्र०, सरत बिष्ट, रक्षित पाण्डेय और व०द० के अतिरिक्त कालागढ़ रेंज व प्रशिक्षण केन्द्र के सभी प्रशिक्षु वन आरक्षी और स्टाफ सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।