​कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर बड़ी कवायद, कालागढ़ से ढेला तक निकाला गया फ्लैग मार्च


रामनगर (नैनीताल): कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा पुख्ता करने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से बुधवार को एक व्यापक संयुक्त फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। यह अभियान कालागढ़ और ढेला रेंज के बीच चलाया गया, जिसमें भारी संख्या में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

कालागढ़ से ढेला तक शक्ति प्रदर्शन

बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को आयोजित यह फ्लैग मार्च उप प्रभागीय वनाधिकारी कालागढ़, अमित कुमार ग्वासीकोटी के नेतृत्व में निकाला गया। अभियान की शुरुआत सुबह 8:00 बजे कालागढ़ वन विश्राम भवन से हुई। इस गश्ती दल में कालागढ़ रेंज, झिरना रेंज, ढेला रेंज और अमानगढ़ रेंज का स्टाफ संयुक्त रूप से शामिल रहा। मार्च का मुख्य उद्देश्य रिजर्व क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देना और वन संपदा की सुरक्षा के प्रति विभाग की तत्परता प्रदर्शित करना था।

अवैध गतिविधियों और वनाग्नि पर विशेष फोकस

फ्लैग मार्च शुरू होने से पहले कालागढ़ वन विश्राम भवन में तैनात समस्त स्टाफ को उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार ग्वासीकोटी ने संबोधित किया। उन्होंने वनकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिजर्व क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए। वर्तमान में जारी फायर सीजन (वनाग्निकाल) को देखते हुए उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष सतर्कता बरतने और आग की सूचना मिलते ही तत्काल कार्यवाही करने के गुर सिखाए।

सीमावर्ती क्षेत्रों और गुर्जर झालों की सघन चेकिंग

कालागढ़ से रवाना होने के बाद फ्लैग मार्च का दल उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों की ओर बढ़ा। इस दौरान भिक्कावाला, मीरापुर, मालीनी, लालबाग, धारा और नांगल जैसे क्षेत्रों में सघन गश्त की गई। टीम ने नांगल क्षेत्र के पास स्थित विभिन्न गुर्जर झालों (डेरों) की भी गहन तलाशी और चेकिंग की। इसके बाद गश्ती दल फीका चौकी, झिरना रेंज और 580 मुनारा होते हुए दोपहर 12:30 बजे ढेला वन विश्राम भवन पहुँचा, जहाँ इस अभियान का विधिवत समापन किया गया।

अभियान में शामिल रहे अधिकारी और कर्मचारी

इस महत्वपूर्ण संयुक्त फ्लैग मार्च में अमित कुमार ग्वासीकोटी (उप प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़), नंद किशोर रुवाली (वन क्षेत्राधिकारी), भानु प्रकाश हर्बोला, दीपक तिवारी (वन क्षेत्राधिकारी) और उमेश चंद्र जोशी (उप वन राजिक) मुख्य रूप से शामिल रहे। इनके साथ ही महेश चंद्र जोशी, भारत सिंह रावत, सरत सिंह बिष्ट, संतोष कुमार डांगी, तरुण कुमार (वन दरोगा), फूल सिंह (वन दरोगा, अमानगढ़ रेंज), वजाहद अली, दीपक कुमार और नितेश कुमार मल (वन आरक्षी) सहित क्षेत्र का अन्य स्टाफ भी मुस्तैद रहा।

​कॉर्बेट प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में इस तरह के गश्ती अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि विश्व प्रसिद्ध इस टाइगर रिजर्व की सुरक्षा में कोई चूक न हो सके।

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