देहरादून: उत्तराखंड में अप्रैल के जाते-जाते मौसम ने ऐसी करवट ली है कि तपती गर्मी के बीच ठंडी बयार ने दस्तक दे दी है। जहां कुछ दिन पहले तक राज्य के मैदानी इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा था और लोग भीषण गर्मी से बेहाल थे, वहीं अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, ओलावृष्टि और ऊंची चोटियों पर हिमपात ने एक बार फिर मार्च जैसी ठंड का अहसास करा दिया है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: तापमान में भारी गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है। इसके प्रभाव से देहरादून समेत राज्य के कई जिलों में तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी देहरादून में गुरुवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और रुक-रुक कर हुई बारिश ने लोगों को पंखे और कूलर बंद करने पर मजबूर कर दिया।
मई के पहले हफ्ते तक जारी रहेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार, गर्मी से यह राहत केवल अल्पकालिक नहीं है। विभाग के निदेशक ने पूर्वानुमान जताया है कि सुहावना मौसम मई के पहले सप्ताह तक बना रह सकता है। अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। विशेष रूप से 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड बनी रहेगी।
43 डिग्री तक पहुंचने वाला था पारा, अब मिली राहत
इस साल अप्रैल में जिस तरह से गर्मी बढ़ रही थी, अनुमान लगाया जा रहा था कि तापमान जल्द ही 43 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर को छू लेगा। लेकिन हालिया बारिश और ओलावृष्टि ने इस बढ़ते ग्राफ पर ब्रेक लगा दिया है। यह बदलाव किसानों की फसलों के लिए भी कुछ हद तक राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी।
सावधान! मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अनुमान है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (झोंकेदार हवाएं) चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लें।
इन जिलों में दिखेगा खास असर
आने वाले दिनों में (विशेषकर 3 मई से 5 मई के बीच) उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में मौसम का मिजाज अधिक बिगड़ा हुआ रह सकता है। चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को भी सलाह दी जा रही है कि वे मौसम का अपडेट लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, क्योंकि ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी से मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
स्वास्थ्य के प्रति रहें सचेत
अचानक तापमान में आई इस गिरावट से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे सर्दी-जुकाम और बुखार की संभावना बढ़ सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम में खान-पान और कपड़ों का विशेष ध्यान रखें, ताकि बदलते मौसम का शरीर पर विपरीत प्रभाव न पड़े।
उत्तराखंड में फिलहाल गर्मी से राहत बनी रहेगी। यदि आप देवभूमि की यात्रा पर हैं या योजना बना रहे हैं, तो गर्म कपड़े साथ रखना न भूलें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
