- ऐतिहासिक क्षण: 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री करेंगे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारम्भ
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक
- कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति
- राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश
- रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील
- इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
- सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया
देहरादून:उत्तराखंड की प्रगति और इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में 14 अप्रैल का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित राज्य आगमन और बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारंभ को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और इस आयोजन को राज्य के गौरव से जोड़ते हुए ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक गौरव और जन-भागीदारी का संगम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह आयोजन मात्र एक सरकारी औपचारिकता न होकर एक जन-उत्सव का स्वरूप ले। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी हो। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करने के लिए गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी लोकनृत्यों की भव्य प्रस्तुतियां इस आयोजन का मुख्य केंद्र होंगी। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल को पारंपरिक और आधुनिक कला के समन्वय से सजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आने वाले अतिथि और जनता राज्य की गौरवशाली परंपराओं से साक्षात्कार कर सकें।

सड़कों पर दिखेगी जनशक्ति और उत्साह
प्रधानमंत्री के रोड शो को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से विशेष अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि नागरिक अपने घरों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकलकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें। पूरे प्रदेश में उत्सव जैसा माहौल बनाने के लिए कार्यक्रम से पूर्व व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे देवभूमि की छवि स्वच्छ और सुंदर रूप में निखर कर सामने आए।
आर्थिक और पर्यटन क्रांति का आधार: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक गलियारा न केवल दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी और समय को कम करेगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन क्रांति का सूत्रपात भी करेगा। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से राज्य में निवेश के नए द्वार खुलेंगे और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में होने वाला यह क्रांतिकारी परिवर्तन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कॉरिडोर उत्तराखंड को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा, जिससे राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और समन्वय
तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि आपसी समन्वय में कोई कमी न रहे। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन और स्वच्छता तक, हर पहलू पर बारीक नजर रखी जा रही है ताकि 14 अप्रैल का यह दिन उत्तराखंड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो सके।
यह भव्य शुभारंभ न केवल कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगा, बल्कि भविष्य के विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव को भी सशक्त करेगा।
