देहरादून।देहरादून में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच आज मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस दौरान इंजीनियर्स ने अपनी 27 सूत्रीय मांगें सरकार के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए सब-कमेटी गठित करने की घोषणा की, जो सभी मुद्दों की समीक्षा कर जल्द रिपोर्ट देगी।
उत्तराखंड में जारी डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच शुक्रवार को एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों के बीच विस्तृत बातचीत हुई। मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक को हड़ताल के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगों को विस्तार से रखा। इन मांगों में मुख्य रूप से पदोन्नति (Promotion), वेतनमान (Pay Scale) में सुधार और पुरानी पेंशन व्यवस्था (Old Pension Scheme) की बहाली जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। इंजीनियर्स का कहना है कि लंबे समय से इन मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों की सभी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार का रुख सकारात्मक है और सभी मांगों का उचित परीक्षण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए एक सब-कमेटी के गठन की घोषणा की। यह कमेटी महासंघ द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं का गहन अध्ययन करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। माना जा रहा है कि इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार संवाद और समन्वय के जरिए सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने इंजीनियर्स महासंघ से अपील की कि वे हड़ताल के दौरान भी जनहित को ध्यान में रखें और सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधियों से वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकल सके।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांगों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद ही समस्याओं के स्थायी समाधान की कुंजी है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर और पंकज कुमार पांडे सहित कई संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी महासंघ की मांगों पर अपनी राय रखी और समाधान के लिए संभावित रास्तों पर चर्चा की।
फिलहाल, इस बैठक के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है और डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल समाप्त होने की दिशा में ठोस प्रगति होगी।
