देहरादून: प्रधानमंत्री के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे से पहले राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। शनिवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने देहरादून में कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। डाट काली मंदिर से महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट तक तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद बनाने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता साफ दिखी—प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर किसी भी तरह की चूक न हो। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा के सभी इंतजाम मजबूत किए जाएं और कार्यक्रम के दौरान आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पहले से ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
निरीक्षण के दौरान डाट काली मंदिर से लेकर गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड तक के पूरे रूट को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का खाका तैयार किया गया। अधिकारियों ने पार्किंग, बैरिकेडिंग, वीआईपी मूवमेंट और आम लोगों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखने के निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली-एनसीआर से देहरादून की दूरी और समय दोनों कम होंगे। इससे पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा और चारधाम यात्रा के लिए कनेक्टिविटी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि निवेश और व्यापार के अवसर भी बढ़ाएगा। उत्तराखंड में पर्यटन पहले से ही अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और ऐसे प्रोजेक्ट्स से राज्य को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम से पहले मुख्य सचिव ने डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। यह दौरा सिर्फ प्रशासनिक तैयारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आस्था और परंपरा का भी समावेश देखने को मिला।
इस दौरान शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल शामिल थे। सभी अधिकारियों को उनके-उनके जिम्मेदारियों के अनुसार दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री के इस प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सुरक्षा, ट्रैफिक और व्यवस्थाओं को लेकर कोई भी ढिलाई न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन तैयारियों को और तेज किया जाएगा, ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
