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वन अधिकार अधिनियम 2006: सुंदरखाल समेत चार वन गांवों को राजस्व ग्राम बनाने की मांग तेज, ग्रामीणों की ऐतिहासिक बैठक


रामनगर (नैनीताल)। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सुंदरखाल, देवीचौड़ खत्ता, चौफुला खत्ता और धनगढ़ी खत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर शनिवार को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंदरखाल में आयोजित इस बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

ग्रामीणों की एकजुटता ने दिखाई ताकत
ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के आह्वान पर आयोजित इस खुली बैठक में भारी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया। बैठक का माहौल अनुशासित और सकारात्मक रहा, जिसमें सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने पारंपरिक अधिकारों की मान्यता की मांग की।

ग्रामीणों ने कहा कि वे पीढ़ियों से इन वन भूमियों पर निवास कर रहे हैं और उनके पास इसके ऐतिहासिक साक्ष्य भी मौजूद हैं। ऐसे में अब उन्हें राजस्व ग्राम का दर्जा मिलना चाहिए।

ध्वनि मत से सामूहिक वनाधिकार दावे को मंजूरी
बैठक के दौरान सामूहिक वनाधिकार दावे को पढ़कर सुनाया गया, जिस पर सभी ग्रामीणों ने हाथ उठाकर और ध्वनि मत के माध्यम से अपनी सहमति जताई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में एकजुटता का मजबूत संदेश देखने को मिला।

वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा
बैठक में वन अधिकार अधिनियम 2006 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें विशेष रूप से पुराने कब्जे के अधिकार, सामुदायिक संसाधनों पर हक, जंगल संरक्षण का अधिकार और वन गांवों को राजस्व गांव में बदलने की प्रक्रिया जैसे अहम बिंदुओं को समझाया गया।
ग्रामीणों को बताया गया कि यह अधिनियम उनके पारंपरिक अधिकारों की रक्षा और मान्यता देने के लिए बनाया गया है।

बुनियादी सुविधाओं के लिए राजस्व ग्राम बनना जरूरी
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से ही उनके गांवों में विकास की राह खुलेगी। वर्तमान में वन ग्राम होने के कारण उन्हें सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द उनके गांवों को भी अन्य क्षेत्रों की तरह राजस्व ग्राम घोषित किया जाए, ताकि वे भी ग्राम सभा का गठन कर सकें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभा सकें।

सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग

बैठक में उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि जिस तरह रामपुर, लेटी और चौपड़ा जैसे गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा मिला है, उसी प्रकार सुंदरखाल, देवीचौड़, चौफुला और धनगढ़ी खत्ता को भी यह अधिकार जल्द प्रदान किया जाएगा।
ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति ने सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि दावे से संबंधित दस्तावेज जल्द ही प्रशासन को भेजे जाएंगे, ताकि प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

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