हरिद्वार।क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के नेतृत्व में हरिद्वार के इंदिरा बस्ती कनखल में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका विषय था “एस आई आर, नागरिकता और लोकतंत्र”। यह सेमिनार विशेष रूप से जलियांवाला हत्याकांड के शहीदों की स्मृति में आयोजित किया गया, जिसमें नागरिक अधिकारों, लोकतंत्र और सरकार द्वारा नागरिकों के चयन की प्रक्रिया पर गहन चर्चा की गई।
श्रद्धांजलि और मौन:
सेमिनार की शुरुआत से पहले सभी उपस्थित जनों ने जलियांवाला हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए खड़े होकर 2 मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर पंजाब से आए साथी नरविन्दर जी ने 13 अप्रैल 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में विस्तार से जानकारी दी, और शहीदों की याद में अपने विचार साझा किए।
लोकतंत्र पर असर: एस आई आर प्रक्रिया
आज के सेमिनार का प्रमुख विषय मतदाता शुद्धकरण और उससे जुड़ी एस आई आर (सिटिजनशिप टेस्ट) प्रक्रिया थी। इस संदर्भ में गंभीर चर्चाएं हुईं, जहां बताया गया कि किस तरह से चुनावी मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटा दिए गए हैं। बिहार में 47 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जिनमें मृत या स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं। इसके बाद, 12 राज्यों में 6.50 करोड़ से अधिक मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं, और इनमें सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है।
उत्तराखंड में स्थिति:
उत्तराखंड में एस आई आर की प्रक्रिया का मिलान (मैपिंग) किया जा चुका है, जिसमें 85 लाख मतदाता सूची में से 20 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरें आई हैं। अप्रैल माह में राज्य में एस आई आर प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे और भी मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर है, क्योंकि इससे संप्रभुता, जो कि जनता में निहित होती है, पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठनों की भागीदारी:
सेमिनार में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के महासचिव भूपाल ने सेमिनार का संचालन किया, और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होने की अपील की। इस अवसर पर कई सामाजिक और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख थे:
जन अधिकार संगठन के का. ओमपाल
इंकलाबी मजदूर केन्द्र के पंकज कुमार
संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चे से जुड़ी भेल मजदूर यूनियन के सत्यवीर
देव भूमि श्रमिक संगठन के दिनेश कुमार
हिन्दूस्तान यूनिलीवर के महामंत्री अनिल कुमार
सिमेंस वर्कर्स (सी एंड एस) के महिपाल
प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की नीता
उत्तराखंड परिवतर्न पार्टी के कुलदीप मधबाल
एप्टा के धर्मानंद लखेडा
पंजाब से नरविन्दर सिंह
सभी ने अपने विचार रखे और एस आई आर जैसी प्रक्रियाओं के लोकतंत्र पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर गहन चर्चा की।
समाप्ति:
इस सेमिनार का उद्देश्य था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए और एस आई आर जैसी प्रक्रियाओं को जनता के भले के लिए सही दिशा में लागू किया जाए। सेमिनार के दौरान सभी ने मिलकर इस मुद्दे पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि लोकतंत्र और नागरिकता के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
