डुंडा (उत्तरकाशी):उत्तराखंड के डुंडा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अस्तल में विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। ग्राम पंचायत अस्तल की पंचायत सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला वर्ष (वित्तीय वर्ष 2025–26) सफलतापूर्वक पूरा करते हुए गांव का पहला ‘प्रगति रिपोर्ट कार्ड’ जन-सामान्य के सामने प्रस्तुत किया है। रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से ग्रामवासियों को सालभर में हुए बुनियादी ढांचे के विकास, पेयजल व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जनकल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शी जानकारी दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंचायत निधि और नवनिर्मित जी-राम (G-RAM) योजना के तालमेल से अस्तल गांव के अलग-अलग 15 तोकों (मजरों) में विकास कार्यों को धरातल पर उतारा गया।
सड़क, पानी और स्वच्छता: हर तोक तक पहुंची बुनियादी सुविधाएं
ग्राम पंचायत अस्तल के रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, गांव में आवागमन और स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई है:
- सड़क एवं रास्ते: विश्लयानी खाले के समीप मुख्य मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स का निर्माण कराया गया है, जिससे पैदल चलने वालों और वाहनों को सुविधा मिली है। इसके अलावा भागदौड़ तोक में सार्वजनिक मार्ग और डोली तोक में पीसीसी (PCC) सड़क का निर्माण कर आवाजाही को सुगम बनाया गया है।
- पेयजल की समस्या का समाधान: ग्रामीणों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए बिसलयानी खाले से होटल के ऊपर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था बनाई गई है। वहीं भागदौड़ तोक में नई सार्वजनिक पेयजल योजना का निर्माण कर हर घर तक जल पहुंचाने का काम हुआ है।
- स्वच्छता अभियान: गांव के मुख्य मार्ग पर कचरा प्रबंधन के लिए स्थायी कूड़ेदान का निर्माण किया गया है, ताकि गांव की स्वच्छता बनी रहे।
आपदा सुरक्षा और भूमि समतलीकरण पर विशेष जोर
पहाड़ी क्षेत्रों में भू-धंसाव और आपदा एक बड़ी चुनौती रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ने सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया है:
- बाढ़ सुरक्षा: हिटोली तोक में मुख्य बाढ़ सुरक्षा एवं नियंत्रण कार्य संपन्न कराया गया, जिससे संभावित आपदा के खतरे को कम किया जा सके।
- नाली निर्माण व जल निकासी: डोली, दीवारी और चरी तोक में भूमि व जल निकासी सुरक्षा कार्य पूरे किए गए।
- चौक व खेतों की सुरक्षा: वार्ड संख्या-5, गुनालूगांव सहित विभिन्न तोकों में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित पात्र परिवारों के चौक और खेतों को सुरक्षा दीवार (पुश्ता) देकर सुरक्षित किया गया है।
- धार्मिक व सांस्कृतिक स्थल विकास: आस्था के केंद्र ‘कच्चड़ू देवता’ परिसर का जी-राम योजना के तहत जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण किया गया। साथ ही हिटोली तोक में कृषि हेतु भूमि सुधार और समतलीकरण का कार्य कराया गया।
जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा: सीधे जनता को मिला लाभ
विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया गया:
- पेंशन सुविधा: गांव के 6 पात्र परिवारों को वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन से जोड़ा गया, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला।
- आपदा राहत राशि: आपदा की मार झेलने वाले 5 पीड़ित परिवारों को स्थानीय प्रशासन के सहयोग से समय पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
- किसानों को सहायता: अस्तल गांव के सभी कृषक परिवारों को खेती-किसानी को सुगम बनाने के लिए आधुनिक कृषि यंत्र (कुदाल एवं पंजा) का वितरण किया गया।
शुरुआती अड़चनों को पार कर आगे बढ़ा विकास का पहिया
पहले वर्ष के अनुभव और चुनौतियों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा पारंपरिक मनरेगा योजना के स्थान पर जी-राम (G-RAM) योजना लागू किए जाने से शुरुआती महीनों में तकनीकी बदलावों के कारण रोज़गार और विकास कार्यों की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई थी। हालांकि, ग्रामीणों के एकजुट सहयोग और प्रशासनिक तालमेल से इन बाधाओं को पार कर सभी स्वीकृत कार्यों को तय समय पर पूरा कर लिया गया।
आगामी वित्तीय वर्ष (2026–27) का विजन और संकल्प
आने वाले दूसरे वित्तीय वर्ष (2026–27) के लिए ग्राम पंचायत अस्तल ने अपना भावी रोडमैप साझा किया है:
- स्थानीय रोजगार का सृजन: जी-राम (G-RAM) योजना के तहत गांव के अधिक से अधिक युवाओं और मजदूरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
- अधूरे कार्यों को गति: अस्तल के प्रत्येक तोक में शेष बची सड़कों, नालियों, पेयजल लाइनों, भूमि सुधार और बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेज गति से पूरा किया जाएगा।
ग्राम पंचायत अस्तल के इस प्रगति रिपोर्ट कार्ड को ग्रामीणों ने पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बेहतरीन कदम बताया है। ग्राम पंचायत ने सभी ग्रामवासियों के इस अटूट विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
रिपोर्ट:कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।