देहरादून।उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब पुलिस चेकिंग के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। यह घटना बसंत विहार थाना क्षेत्र के हरबंसवाला बैरियर के पास हुई, जहां पुलिस ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत संदिग्ध वाहनों की सघन जांच कर रही थी।
जानकारी के अनुसार, सुबह के समय पुलिस टीम नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक नीली स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन दोनों युवक पुलिस को देखकर रुकने के बजाय बैरियर तोड़कर टी-स्टेट की ओर भाग निकले। इस पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा शुरू कर दिया।
पीछा करने के दौरान स्थिति अचानक गंभीर हो गई, जब स्कूटी सवार बदमाशों में से एक ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, जिसमें एक बदमाश को गोली लग गई और वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। घायल को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि दूसरे आरोपी को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, इस मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अब्दुला (37) निवासी सहारनपुर और शाहनवाज सलमानी (33) के रूप में हुई है। शाहनवाज फिलहाल देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में रह रहा था। दोनों आरोपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शातिर अपराधी बताए जा रहे हैं और उनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक-एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई नीली स्कूटी को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में देहरादून में दाखिल हुए थे।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109/3(5) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इस घटना ने एक बार फिर ‘ऑपरेशन प्रहार’ की अहमियत को उजागर कर दिया है। दरअसल, देहरादून में 30 मार्च 2026 को मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की रोड रेज के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ‘ऑपरेशन प्रहार’ की शुरुआत की थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अप्रैल 2026 में शुरू किए गए इस अभियान के तहत पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के नेतृत्व में पूरे राज्य में सघन चेकिंग, नाकाबंदी और छापेमारी अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करों, गैंगस्टरों, इनामी बदमाशों और देश विरोधी तत्वों पर शिकंजा कसना है। इसके तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस ने कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें हथियार तस्कर, जेल से फरार अपराधी और संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोग शामिल हैं।
इसके साथ ही ‘नाइट स्ट्राइक’ जैसे विशेष अभियानों के जरिए रात के समय भी सघन चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। देहरादून में हुई इस ताजा मुठभेड़ को पुलिस की सक्रियता और सतर्कता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
