रामनगर में कॉर्बेट किनारे स्वच्छता और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर मंथन, वेस्ट वॉरियर्स और होटल एसोसिएशन ने हाथ मिलाया
रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सर्पदुली रेंज अंतर्गत गर्जिया वन परिसर में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गर्जिया और ढिकुली क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना रहा। गोष्ठी में वन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल एसोसिएशन और सामाजिक संस्था ‘वेस्ट वारियर’ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान ढिकुली और गर्जिया क्षेत्र में कचरा निस्तारण की समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि मान ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए मुख्य मोटर मार्ग पर जागरूकता के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा होटल कर्मियों द्वारा भी आसपास फैला कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी ली जाएगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया जा सके।
नेचुरलिस्ट संजय छिमवाल ने क्षेत्र में बढ़ रहे कचरे पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि कई पर्यटक चलती गाड़ियों से प्लास्टिक और अन्य कचरा बाहर फेंक देते हैं। इस तरह सड़क किनारे फैला कूड़ा न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह वन्यजीवों को आबादी और सड़कों की तरफ आकर्षित करता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
ग्राम प्रधान ढिकुली खष्टी देवी ने सभी ग्रामीणों से गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुले में कूड़ा न फेंकने की अपील की। उन्होंने वेस्ट वारियर संस्था के साथ मिलकर ढिकुली और गर्जिया क्षेत्र में व्यवस्थित कचरा प्रबंधन में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। संस्था के प्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए नियमित अभियान चलाने की बात कही।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने माना कि कॉर्बेट के बफर जोन में कचरा निस्तारण और वन्यजीव सुरक्षा एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। यदि क्षेत्र स्वच्छ रहेगा तो वन्यजीव इंसानी बस्तियों और मुख्य सड़कों की ओर कम रुख करेंगे, जिससे हादसों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी सर्पदुली रेंज संजय कुमार पाण्डे, BTC मेंबर प्रतिनिधि तारा सिंह रावत, EDC अध्यक्ष राजेन्द्र छिमवाल, उप प्रधान सलमा, पूर्व प्रधान मो० इकबाल हुसैन, अब्दुल हुसैन, वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी, वन दरोगा मुकेश सिंह, वन आरक्षी जगदीश समेत वन विभाग के अन्य कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।