नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा कदम उठाया है। आकाशीय बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और अत्यधिक मूसलाधार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए 5 सितंबर को जिले भर के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। आपदा की आशंका और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल और आंगनबाड़ी रहेंगे बंद
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, 5 सितंबर को नैनीताल जिले में संचालित होने वाले सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी (प्राइवेट) विद्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। यह आदेश कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
इसके साथ ही छोटे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
आवासीय विद्यालयों के लिए रहेगी छूट
प्रशासनिक आदेश में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि नैनीताल शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित ऐसे आवासीय विद्यालय, जहां छात्र-छात्राओं के ठहरने और पढ़ाई की व्यवस्था एक ही परिसर के भीतर है, उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। यानी परिसर के अंदर रहने वाले आवासीय छात्रों की नियमित दिनचर्या जारी रहेगी।
हालांकि, जिन विद्यालयों में छात्र बाहर से पढ़ने आते हैं या जहां परिवहन का उपयोग होता है, वहां पूर्ण अवकाश रहेगा।
आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट मोड पर
मौसम विभाग द्वारा जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का पूर्वानुमान जताया गया है। बारिश के इस तेज दौर के कारण भूस्खलन, सड़कों के बंद होने और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने और नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी बारिश के दौरान बरतें ये जरूरी सावधानियां
मौसम के मिजाज को देखते हुए आम जनता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- घरों में सुरक्षित रहें: बिना किसी अति-आवश्यक कार्य के घरों से बाहर न निकलें। खराब मौसम में अपने घरों के खिड़की और दरवाजे ठीक से बंद रखें।
- बिजली के उपकरणों से दूरी: तेज गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान बिजली के उपकरणों के स्विच बंद रखें। टूटे हुए तारों, बिजली के खंभों और ढहने की कगार पर खड़े पेड़ों से दूर रहें।
- जलभराव वाले इलाकों से बचें: निचले इलाकों, बरसाती नालों, नदियों और पुलों के करीब जाने से बचें। अपने घर के आसपास नालियों की सफाई रखें ताकि जलभराव की समस्या न हो।
- वाहन चलाते समय सावधानी: यदि यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो वाहन की गति धीमी रखें और पानी भरी सड़कों पर जाने का जोखिम न उठाएं।
- साथ रखें बचाव सामग्री: घर से बाहर निकलते समय अपने साथ छतरी, रेनकोट और आवश्यक आपातकालीन वस्तुएं जरूर रखें।