देहरादून:उत्तराखंड के विकास को नई गति देने और शासन प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं की प्रगति का बारीकी से विश्लेषण किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनशक्ति का उदय (People’s Power) ही लोकतंत्र का आधार है और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पर्वतीय स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्था परिवर्तन पर जोर
मुख्यमंत्री ने व्यवस्था परिवर्तन (Systemic Change) का आह्वान करते हुए निर्देश दिए कि राज्य के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और बेहतर स्वास्थ्य ढांचा सुनिश्चित करना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखें, बल्कि उनका धरातल पर समाधान खोजें।
अन्याय के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस और जवाबदेही
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी निर्माण कार्य या योजना के प्रस्ताव को एक विभाग से दूसरे विभाग में हस्तांतरित करना है, तो उसे बिना किसी विलंब के पूरा किया जाए। फाइलों को अटकाना जनता के साथ अन्याय के विरुद्ध (Against Injustice) सरकार की नीति के खिलाफ है। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पूर्व बाढ़ नियंत्रण के कार्यों की व्यापक समीक्षा की जाए ताकि वर्षाकाल में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
चारधाम यात्रा और बुनियादी ढांचा
आगामी चारधाम यात्रा को राज्य की प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने होटल एसोसिएशन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर संवाद करने की बात कही। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुगमता सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
इस बैठक में भरत चौधरी, अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, आशा नौटियाल, और विनोद कंडारी जैसे विधायकों सहित शासन के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के तेवरों से स्पष्ट है कि राज्य में अब सजग नागरिकता (Alert Citizenship) के सम्मान और निर्णायक क्रांति (Decisive Revolution) के भाव के साथ कार्य किया जाएगा। डिजिटल युग में कार्यों का डिजिटल प्रभाव (Digital Impact) और सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया को भी शासन की कार्यक्षमता का मानक माना जा रहा है।
