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रामनगर LPG ब्लैक मार्केटिंग केस: अवैध रिफिलिंग गैंग का भंडाफोड़, 34 सिलेंडर बरामद


रामनगर।नैनीताल जिले के रामनगर में 9 अप्रैल 2026 को कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घरेलू LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी का खुलासा किया। मुखबिर की सूचना पर खराड़ी क्षेत्र के एक घर में छापा मारकर पुलिस ने 34 सिलेंडर, अवैध रिफिलिंग उपकरण और ज्वलनशील पदार्थ बरामद किए। मौके से दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जो घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग और भंडारण कर रहे थे।

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में पुलिस ने अवैध LPG गैस कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ब्लैक मार्केटिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कोतवाली रामनगर पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि खराड़ी इलाके में एक घर के अंदर घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण और रिफिलिंग का काम किया जा रहा है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की योजना बनाई और बताए गए स्थान पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 34 छोटे-बड़े घरेलू LPG सिलेंडर बरामद किए, जो अलग-अलग कंपनियों के बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही गैस रिफिलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण, तराजू और बाट भी मौके से जब्त किए गए।

पुलिस के अनुसार, आरोपी घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर उसे व्यावसायिक उपयोग के लिए अवैध रूप से रिफिल कर रहे थे। यह गतिविधि न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि बेहद खतरनाक भी है, क्योंकि इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमन उर्फ भल्ला (26 वर्ष) और शहजाद उर्फ शैजी (23 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी खताड़ी क्षेत्र, नार्मल स्कूल के पास रामनगर के रहने वाले हैं।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से आधा ड्रम डीजल सहित अन्य ज्वलनशील पदार्थ भी बरामद हुआ है, जो अवैध रूप से संग्रहीत किया गया था। यह स्थिति और भी खतरनाक थी, क्योंकि एक ही स्थान पर गैस और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता था।

इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना रामनगर में FIR संख्या 101/26 के तहत केस पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इस कार्रवाई में पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें वरिष्ठ उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट के नेतृत्व में उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार, कांस्टेबल अमित कुमार, गगन भंडारी, संजय सिंह और महिला कांस्टेबल रेशू शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग या कालाबाजारी की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे संभावित बड़े हादसे को भी टाल दिया गया है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।

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