उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक: प्रोफेसर ने व्हाट्सएप पर भेजा पर्चा, 2 परीक्षाएं रद्द; अगस्त में होगी दोबारा परीक्षा
देहरादून। देश भर में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर बने गंभीर माहौल के बीच उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक और स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा के दो महत्वपूर्ण प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गए। मामला उजागर होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। जाँच में पुष्टि होने के तुरंत बाद प्रशासन ने दोनों विषयों की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।
इस घटना से विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। अब इन छात्रों को अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोबारा परीक्षा देनी होगी।
प्रोफेसर ने व्हाट्सएप ग्रुप में भेजा प्रश्नपत्र
पेपर लीक के इस गंभीर प्रकरण का खुलासा एक अनाम (Anonymous) ईमेल के जरिए हुआ। यह शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशकों को भेजी गई थी। जब आयोजित हुई परीक्षा के प्रश्नपत्र का मिलान शिकायत में दिए गए सवालों से किया गया, तो वे हूबहू एक जैसे पाए गए।
इसके बाद कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर गठित आंतरिक जाँच समिति ने पूरे मामले की पड़ताल की। जाँच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इंजीनियरिंग कॉलेज में तैनात एक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के कई महत्वपूर्ण सवाल छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिए थे।
इन दो विषयों के पर्चे हुए लीक
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पेपर लीक का यह मामला मुख्य रूप से बी.टेक/इंजीनियरिंग के निम्नलिखित दो विषयों से जुड़ा है:
- मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Machine Learning for IoT)
- इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी (Electromagnetic Field Theory)
इन दोनों विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएँ आयोजित की जा चुकी थीं, लेकिन छात्रों तक पर्चा पहले ही पहुँचने की शिकायत पर जाँच बिठाई गई और मामला सही पाया गया।
दोषी प्रोफेसर पर बड़ा एक्शन: 7 साल का डिबार
जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। दोषी पाए गए प्रोफेसर को अगले 7 वर्षों के लिए परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से प्रतिबंधित (Debar) कर दिया गया है।
परीक्षा नियंत्रक का आधिकारिक बयान:
“उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया है। दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं और अब इनका आयोजन दोबारा किया जाएगा।”
— डॉ. वी.के. पटेल, परीक्षा नियंत्रक (UTU)
12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्र प्रभावित, अगस्त में होगी दोबारा परीक्षा
विश्वविद्यालय के इस फैसले से यूटीयू से जुड़े 12 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्र सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। जिन विद्यार्थियों ने इन विषयों की परीक्षा पूरी मेहनत से दी थी, उन्हें भी अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक:
- संभावित समय: निरस्त की गई दोनों विषयों की नई परीक्षाएँ अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित करने की योजना है।
- समय-सारणी व केंद्र: परीक्षा की सटीक तिथि, समय और परीक्षा केंद्रों की आधिकारिक घोषणा जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर पृथक से की जाएगी।
परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता पर फिर उठे गंभीर सवाल
उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आ चुके हैं, जिसे लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है। अब राज्य के प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालय की मुख्य सेमेस्टर परीक्षा में ही प्रश्नपत्र लीक होने से सुरक्षा इंतजामों और गोपनीयता बनाए रखने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सख्त कदम उठाए गए हैं और नई परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता व कड़े सुरक्षा घेरे में कराने की तैयारी की जा रही है।