NEET परीक्षा विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर खत्म हो सकता है छात्रों का प्रदर्शन
नई दिल्ली:देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को लेकर जारी भारी बवाल और छात्रों के उग्र आंदोलन के बीच दिल्ली के सियासी गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नीट परीक्षा रद्द करने और धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र पिछले कई दिनों से सड़कों पर डटे हुए थे और लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
देश विरोधी तत्वों से बचाने और छात्रों के हित में लिया फैसला
धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ने के साथ ही देश के युवाओं और छात्रों के नाम एक सार्वजनिक पत्र जारी किया है। अपने इस भावुक पत्र में उन्होंने अपने इस्तीफे की मुख्य वजहों का जिक्र किया। प्रधान ने लिखा, “…यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर की स्थिति का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र किसी कानूनी मुश्किल में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है…”


अपने चार दशक लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आगे लिखा, “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशक से भी अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहा हूँ। मेरा हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी सशक्त राष्ट्र की असली आधारशिला होती है।”
राष्ट्र सेवा का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार
छात्रों की मांगों का सम्मान करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने पत्र में कहा कि वे भारत की युवा पीढ़ी के सपनों, उनकी आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं। युवाओं के सपनों को साकार करना उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र सेवा करने का जो अवसर उन्हें मिला, उसके लिए वे सदैव ऋणी रहेंगे।
जंतर-मंतर पर खत्म हो सकता है छात्रों का धरना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों और युवा संगठनों के बीच हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि शिक्षा मंत्री के इस कदम के बाद अब जंतर-मंतर पर जारी छात्रों का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन समाप्त हो सकता है।

विपक्ष का बढ़ता दबाव और राहुल गांधी की मुलाकात
गौरतलब है कि इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी काफी तेज थी। इससे पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रदर्शनकारी छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। छात्रों से बातचीत के बाद राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से मीडिया के सामने कहा था कि छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की है और जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं होगा।
विपक्ष के हमलावर रुख और देशभर में छात्रों के आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार पर लगातार नैतिक दबाव बन रहा था, जिसके परिणामस्वरूप आखिरकार शिक्षा मंत्री को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा। अब देखना यह होगा कि नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति के बाद नीट परीक्षा को लेकर सरकार क्या नया कदम उठाती है।