पौड़ी गढ़वाल हादसा: मांडाखाल में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, SBI बैंक मैनेजर की दर्दनाक मौत
पौड़ी।उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर तेज रफ्तार और संकरे मोड़ों का खतरा थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा लगातार चलाए जा रहे ट्रैफिक चेकिंग, साइन बोर्ड लगाने और जन-जागरूकता अभियानों के बावजूद हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला पौड़ी गढ़वाल जिले का है, जहां बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मांडाखाल के पास एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की पाबौ शाखा में तैनात बैंक प्रबंधक संजीव किलानिया की मौके पर ही जान चली गई।
घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है। रोजाना की तरह संजीव किलानिया पाबौ स्थित बैंक शाखा में अपना कार्य खत्म करके अपनी निजी कार से पौड़ी स्थित अपने घर के लिए निकले थे। पाबौ से पौड़ी के बीच का रास्ता पहाड़ी और मोड़ों से भरा हुआ है। रात के समय मांडाखाल के पास अचानक कार अनियंत्रित हो गई और सड़क से फिसलकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
रात काफी ढल जाने के बाद भी जब संजीव किलानिया अपने घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल पर कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। मामला संज्ञान में आते ही कोतवाली पौड़ी पुलिस, पाबौ चौकी पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने मिलकर देर रात ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
पहाड़ी रास्ते पर रात के अंधेरे में तलाशी अभियान चलाना रेस्क्यू टीमों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। सड़कों और मोड़ों पर बारीकी से छानबीन करते हुए जब टीम मांडाखाल के पास पहुंची, तो खाई की ओर दुर्घटना के निशान नजर आए। टॉर्च की रोशनी में नीचे देखने पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में दिखाई दी। पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों ने जान जोखिम में डालकर गहरी खाई में उतरकर रेस्क्यू कार्य शुरू किया।
खाई में उतरने पर कार के अंदर संजीव किलानिया लहुलूहान अवस्था में मिले। रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला और सड़क तक पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने संजीव किलानिया को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पंचनामा भरकर जिला अस्पताल पौड़ी की मोर्चरी में रखवाया गया। रविवार को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
संजीव किलानिया मूल रूप से हरियाणा के निवासी थे और वर्तमान में अपने परिवार के साथ पौड़ी में ही रह रहे थे। वे एक मिलनसार और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। इस दुखद खबर के सामने आते ही भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों के अनुसार वे समयबद्ध और कर्मठ अधिकारी थे।
गढ़वाल क्षेत्र में सड़कों की स्थिति और रात के समय मोड़ों पर दृश्यता की कमी अक्सर हादसों का कारण बनती है। हालांकि, पुलिस की ओर से मामले की हर कोण से जांच की जा रही है कि दुर्घटना वाहन में तकनीकी खराबी के कारण हुई या किसी मोड़ पर कार अनियंत्रित हो गई थी। पुलिस अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि क्या रास्ते में कोई अन्य वाहन तो हादसे की वजह नहीं बना।
उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा बोर्ड लगाने और ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित करने के दावे किए जा रहे हैं, फिर भी हादसों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। संजीव किलानिया के असामयिक निधन ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर रात के सफर और सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।