देहरादून: शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में भक्ति और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। महानवमी के शुभ मुहूर्त पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ एवं पूजा-अर्चना की।
इस पावन अवसर पर नौ कन्याओं का पूजन कर देवी स्वरूप बालिकाओं का आशीर्वाद लिया गया और समस्त राज्यवासियों की खुशहाली की कामना की गई।

मां भगवती के नौ स्वरूपों का प्रतीक: नौ कन्याओं का पूजन
महानवमी के इस विशेष अनुष्ठान में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में नौ कन्याओं को आमंत्रित किया गया था। पुष्कर सिंह धामी ने कन्याओं के पांव पखारकर, तिलक लगाकर और वस्त्र एवं उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कन्या पूजन के बाद बालिकाओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया। इस दौरान पूरा माहौल ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
“नवरात्रि का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और मातृशक्ति की निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।”
प्रदेश की शांति और उन्नति के लिए की गई विशेष प्रार्थना
हवन कुंड में आहुति देते हुए मुख्यमंत्री ने मां भगवती से उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की। उन्होंने देवी मां से राज्य में:
- सुख और शांति बनाए रखने,
- समृद्धि और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करने, तथा
- प्रत्येक नागरिक की खुशहाली और स्वास्थ्य की मंगलकामना की।

मातृशक्ति के सम्मान का संदेश
महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या पूजन का बहुत गहरा आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व है। यह अनुष्ठान समाज को मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और सुरक्षा की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज में नारी शक्ति का सम्मान और उनकी भागीदारी सुनिश्चित रहेगी, तब तक राज्य और देश प्रगति के नए आयाम छूता रहेगा।
संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण
उत्तराखंड की देवभूमि परंपरा में नवरात्रि का विशेष स्थान है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस सादगीपूर्ण और भक्तिमय कार्यक्रम ने एक बार फिर राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूती देने का संदेश दिया है। इस पूजन के साथ ही नवरात्रि के नौ दिनों से चले आ रहे अनुष्ठानों का समापन हुआ और चारों ओर उत्सव का माहौल बना हुआ है।