मेधा का सम्मान: डॉ. विजेता बिष्ट को मिला ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान’

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उत्तराखंड की ‘नारी शक्ति’ का उदय, नैनीताल की शिक्षिका ने प्रदेश स्तर पर बिखेरी अपनी चमक

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर राजधानी के ‘इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स’ का ऑडिटोरियम प्रदेश की मेधावी महिलाओं के गौरव का साक्षी बना। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST), सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा दिव्य हिमगिरी संस्था द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित भव्य समारोह में नैनीताल जनपद की डॉ. विजेता बिष्ट को प्रतिष्ठित ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान–2026’ से नवाजा गया।

मात्र 7 विशेषज्ञों में बनाई जगह

​इस राज्य स्तरीय समारोह की गरिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहाँ ‘नारी शक्ति सम्मान’ के लिए पूरे प्रदेश से 20 महिलाओं को चुना गया, वहीं ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान’ की विशिष्ट श्रेणी में मात्र 7 महिला वैज्ञानिकों/शिक्षिकाओं का ही चयन हुआ। डॉ. विजेता बिष्ट ने अपनी कड़ी मेहनत और नवाचार के दम पर इस सूची में अपना स्थान सुरक्षित किया।

सम्मानित करने वाली विभूतियाँ

​कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. भानु दुग्गल, उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता आयोग की अध्यक्षा न्यायाधीश डॉ. कुमकुम रानी और यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने संयुक्त रूप से डॉ. बिष्ट को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

प्रकृति और तकनीक का अनूठा संगम

​वर्तमान में राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कनकपुर (कोटाबाग), नैनीताल में विज्ञान मार्गदर्शक के रूप में कार्यरत डॉ. विजेता को यह सम्मान उनके लीक से हटकर किए गए कार्यों के लिए दिया गया है। उन्होंने:

  • नवाचार: विज्ञान शिक्षा को बोझिल न बनाकर प्रकृति और पारंपरिक ज्ञान के साथ जोड़कर ‘रोचक एवं स्थायी’ बनाया।
  • छात्रों का गौरव: उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के 12 छात्रों का चयन प्रतिष्ठित ‘इंस्पायर अवार्ड’ के लिए हो चुका है।
  • राज्य स्तरीय पहचान: उनके द्वारा प्रशिक्षित छात्र निरंतर विज्ञान गतिविधियों में राज्य स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।

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