हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के बैरागी कैंप इलाके से शनिवार सुबह एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए हरिद्वार पुलिस महकमे में भी खलबली मची हुई है। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। इसके साथ ही पुलिस ने आम जनता की मदद के लिए संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की हैं।
खेलती हुई बच्ची अचानक हुई गायब
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना कनखल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ठोकर नंबर 10, बैरागी कैंप की है। शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे तीन वर्षीय मासूम राधिका अपने घर के बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक लापता हो गई। काफी देर तक जब बच्ची घर के आसपास नजर नहीं आई, तो परिजनों को चिंता हुई। परिवारवालों ने अपने स्तर पर आसपास के पूरे इलाके और बस्ती में राधिका की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका। आखिरकार, थक-हारकर परिजनों ने मामले की सूचना स्थानीय कनखल थाना पुलिस को दी।
सीसीटीवी फुटेज से खुला अपहरण का राज
मासूम बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आई और मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने जब घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो मामले में एक चौंकाने वाला सच सामने आया।
सीसीटीवी फुटेज में एक महिला और एक पुरुष उस मासूम बच्ची को अपनी गोद में लेकर जाते हुए साफ तौर पर दिखाई दिए। फुटेज में आगे देखा गया कि बच्ची को गोद में लेने के बाद दोनों संदिग्ध तेजी से आगे बढ़े और रास्ते से एक ऑटो (टेंपो) में बैठकर वहां से रफूचक्कर हो गए। सीसीटीवी के इस पुख्ता सबूत के बाद पुलिस ने इसे सीधे तौर पर अपहरण का मामला मानते हुए जांच तेज कर दी है।
बिस्किट का लालच देकर मासूम को झांसे में लिया
पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से की गई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अपहरणकर्ताओं ने बड़ी ही चालाकी से इस वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज और आसपास की दुकानों से मिली जानकारी के अनुसार, संदिग्ध महिला और पुरुष ने घर के बाहर खेल रही मासूम राधिका को खाने-पीने की चीजों का लालच दिया था।
बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्धों ने बस्ती से थोड़ी दूरी पर स्थित एक किराना दुकान से बच्ची को बिस्किट का एक पैकेट खरीदकर दिया। खाने का सामान (बिस्किट) मिलने के कारण मासूम बच्ची न तो रोई और न ही उसने कोई विरोध किया। वह चुपचाप उन अजनबियों के साथ चल दी। इसी वजह से आसपास मौजूद लोगों या राहगीरों को उन पर जरा भी शक नहीं हुआ और आरोपी आसानी से बच्ची को लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, संदिग्धों की तस्वीरें जारी
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए कनखल थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों (महिला और पुरुष) के चेहरे की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
हरिद्वार पुलिस ने आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचने के लिए उनकी तस्वीरें और वीडियो फुटेज के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर जारी किए हैं। पुलिस ने आम जनता से भी यह अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस बच्ची या फुटेज में दिख रहे संदिग्ध महिला और पुरुष के बारे में कोई भी छोटी या बड़ी जानकारी मिले, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
जल्द होगा मामले का खुलासा: एसएसपी
इस पूरे मामले पर हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस इस घटना को लेकर पूरी तरह गंभीर है। बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस की कई स्पेशल टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों और बस व रेलवे स्टेशनों पर छापेमारी कर रही हैं। साथ ही उस ऑटो चालक की भी तलाश की जा रही है, जिसमें बैठकर आरोपी भागे थे।
एसएसपी भुल्लर ने भरोसा जताया है कि पुलिस के पास मजबूत इनपुट और सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जिसके आधार पर जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा और मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर पूरे मामले का पटाक्षेप किया जाएगा। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में मीडिया से भी सहयोग मांगा है ताकि सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके और बच्ची को जल्द ढूंढा जा सके।