रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड के रामनगर से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आ रही है। यहां कोसी बैराज स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे बहने वाली कोसी नदी में नहाने गए दो किशोरों की पानी में डूबने से असमय मौत हो गई है। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे पीरुमदारा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

दोपहर के वक्त हुआ हादसा, नहाने के दौरान गहरे पानी में समाए
पुलिस्तानी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा दोपहर के वक्त पेश आया। पीरुमदारा क्षेत्र के रहने वाले दो किशोर अंकित और मयंक गर्मी से राहत पाने और नहाने के उद्देश्य से कोसी नदी के तट पर गए थे। ट्रांसपोर्ट नगर के ठीक पीछे कोसी नदी के तेज बहाव और गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों नहाते-नहाते अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए। पानी का वेग अधिक होने और खुद को न संभाल पाने के कारण दोनों किशोर देखते ही देखते नदी में समा गए और लापता हो गए।
मृतकों की पहचान:
- अंकित (पुत्र श्री प्रेम सिंह) – निवासी: ग्रेट मिशन स्कूल के सामने, हिम्मतपुर पीरुमदारा।
- मयंक (पुत्र श्री भरत सिंह असवाल) – निवासी: धर्मपुर ओलिया, पीरुमदारा।
MDT के माध्यम से मिली सूचना, तत्काल रवाना हुई फायर सर्विस की टीम
घटना की जानकारी दोपहर करीब 15:33 बजे मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) के माध्यम से अग्निशमन केंद्र रामनगर को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रभारी अग्निशमन अधिकारी महोदय गोपाल सिंह रावत ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया और उन्हें घटनास्थल के लिए रवाना किया।
रामनगर फायर स्टेशन और स्थानीय पुलिस बल के जवानों ने बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचकर तुरंत संयुक्त सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन (Search & Rescue Operation) शुरू किया। कोसी नदी के उस खतरनाक हिस्से में जहां पानी का ठहराव और गहराई अधिक थी, वहां जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर गोताखोरी की और स्थानीय उपस्थित पुलिस बल व लोगों की मदद से कड़ी मेहनत कर दोनों लड़कों को पानी से बाहर ढूंढ निकाला।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तोड़ी उम्मीद, दोनों मृत घोषित
नदी से बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद, दोनों किशोरों को बिना समय गंवाए स्थानीय वाहन के जरिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रामनगर के लिए भेजा गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों की नब्ज जांची और गहन परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस ऐलान के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों और परिचितों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रेस्क्यू कार्य की समाप्ति के बाद फायर यूनिट वापस स्टेशन पर उपस्थित हुई।
फायर स्टेशन रामनगर रेस्क्यू टीम (सराहनीय कार्य)
इस बेहद कठिन और संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभारी अग्निशमन अधिकारी श्री गोपाल सिंह रावत के कुशल निर्देशन में निम्नलिखित जांबाज जवानों द्वारा अंजाम दिया गया:
- एल.एफ.एम. (LFM): अर्जुन सिंह नेगी
- चालक (DVR): भोपाल सिंह मेहता
- फायरमैन (FM): शंभू गिरी
- फायरमैन (FM): प्रकाश चंद्र
- फायरमैन (FM): प्रशांत कुमार शर्मा
- फायरमैन (FM): नरेश कुमार
- फायरमैन (FM): वसीम अहमद