उत्तरकाशी। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उत्तरकाशी जिले में स्थित सामरिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-134) पर कई संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। मार्ग बंद होने की वजह से यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
मुख्य रूप से प्रभावित स्थान और वर्तमान स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड, दुर्बिल, बढ़िया और हनुमान चट्टी के पास स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। इन इलाकों में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा मुख्य सड़क पर आ गिरा है। इसके अलावा, कई जगहों पर अभी भी रुक-रुक कर पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे मार्ग साफ करने के कार्य में लगातार जोखिम और चुनौतियां पैदा हो रही हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई और राहत कार्य
मार्ग बाधित होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीमों को मौके पर रवाना किया गया। प्रशासन की प्राथमिकता फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करना है।
वर्तमान में राणाचट्टी के पास जलजारघाट (किमी 84+570) तथा सिलाईबैंड रॉक फॉल जोन (किमी 73+400) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सिलाईबैंड और जलजारघाट क्षेत्र में सड़क पर गिरे विशालकाय बोल्डरों को तोड़ने के लिए भारी मशीनों और तकनीकी उपकरणों की मदद ली जा रही है। एनएचएआई के कर्मचारियों द्वारा मलबे को तेजी से हटाया जा रहा है ताकि एकतरफा यातायात कम से कम शुरू कराया जा सके।

यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सावधानी
अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के बावजूद राहत और बचाव दल मार्ग को सुचारू करने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि, पहाड़ियों से लगातार गिरते पत्थरों के कारण कार्य में बाधा आ रही है। प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है तथा अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मौसम सामान्य होते ही और मलबे की पूरी तरह सफाई के बाद मार्ग को यात्रियों के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया जाएगा। तब तक आपदा प्रबंधन टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
रिपोर्ट: कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।