रामनगर (नैनीताल):प्रकृति, पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ‘वन्यप्राणी सप्ताह 2026’ के तहत कई बहुआयामी और प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्लास्टिक मुक्त प्राकृतिक परिवेश का निर्माण, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों के साथ युवा पीढ़ी में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना जगाना इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य रहा। दिनभर चले इन अभियानों में सफाई, शैक्षणिक भ्रमण, वन्यजीव प्रश्नोत्तरी, लोक कला और खेलकूद के माध्यम से जनभागीदारी का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

रामगंगा कैचमेंट क्षेत्र में सघन स्वच्छता अभियान
वन्यप्राणी सप्ताह के अंतर्गत कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज स्थित रामगंगा कैचमेंट क्षेत्र को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। अभियान का शुभारंभ हाथी कैंप, कालागढ़ से हुआ, जिसके बाद रामगंगा नदी और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सघन सफाई कार्य किया गया। इस प्रयास में कालागढ़ रेंज के वन कर्मियों, कॉर्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षु वन आरक्षियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर फैले हुए प्लास्टिक कचरे को एकत्र किया और प्राकृतिक जलस्रोतों को साफ-सुथरा बनाए रखने का संकल्प लिया।

शैक्षणिक भ्रमण और कठपुतली प्रदर्शन से जागरूक हुए बच्चे
प्रातःकाल के सत्र में शासकीय इंटर कॉलेज ढिकुली और राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंदरखाल के छात्र-छात्राओं को धनगढ़ी इंटरप्रिटेशन सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कॉर्बेट क्षेत्र की समृद्ध जैव-विविधता, वन संरक्षण का महत्व और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के व्यावहारिक तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
वहीं, पूर्वाह्न सत्र में कालागढ़ रेंज के मां सरस्वती विद्या मंदिर में एक भव्य कठपुतली कार्यक्रम आयोजित किया गया। पारंपरिक लोक कला के इस माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों को वनों की सुरक्षा, दावानल (जंगलों की आग) की रोकथाम और पर्यावरण-संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।

टाइगर सेल में आधुनिक तकनीक और बाघ संरक्षण पर मंथन
दोपहर के सत्र में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के टाइगर सेल का विशेष शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यहाँ युवा पीढ़ी को बाघों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास प्रबंधन और पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका से अवगत कराया गया। बच्चों को वन्यजीवों की निगरानी और पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया, जिससे छात्र-छात्राओं में गहरी रुचि देखने को मिली।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और वॉलीबॉल मैच से बढ़ा उत्साह
वन परिसर रामनगर में मीडिया प्रतिनिधियों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए वन्यजीव प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें जूनियर और सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों ने वन्यजीव, पर्यावरण और वन विभाग से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अलावा, कालागढ़ रेंज स्थित खेल मैदान में स्थानीय वन आरक्षियों, दैनिक श्रमिकों और प्रशिक्षु वन आरक्षियों के बीच एक मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई। खेल के दौरान अनुशासन, टीमवर्क और आपसी सौहार्द का उत्कृष्ट माहौल देखने को मिला। साथ ही, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के विश्राम भवन परिसर में बच्चों को वन्यजीवों के जीवन चक्र और व्यवहार पर आधारित शिक्षाप्रद और प्रेरक फिल्में दिखाई गईं।

प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प
इसी क्रम में ढिकुली और कालागढ़ स्थित बाघ रक्षक विद्यालयों में विशेष वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए, जहाँ विशेषज्ञों ने हाथियों के महत्व और पारिस्थितिकी संतुलन पर विचार प्रस्तुत किए।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ऐसे रचनात्मक आयोजनों के माध्यम से बच्चों और स्थानीय समुदाय को संरक्षण की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि हमारी समृद्ध प्राकृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
आयोजन के दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदर पाल (बीजराणी), वन क्षेत्राधिकारी नवीन चंद्र पांडे (बीजराणी), वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार पांडे (सर्पदुली), वन क्षेत्राधिकारी नंदकिशोर रुवाली (कालागढ़), वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन जोशी (इको टूरिज्म यूनिट), वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद चंद्र त्रिपाठी (शोध रेंज) और स्थानीय स्टाफ उपस्थित रहे।