निकाय चुनाव परिणाम: उधम सिंह नगर की किच्छा और सिरौली कलां में कांग्रेस का कब्जा, जानें जीत का पूरा गणित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मतगणना: किच्छा और सिरौली कलां में कांग्रेस ने लहराया परचम, जानें किसे मिले कितने वोट
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में लंबे समय से अटके नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद हुई मतगणना में किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका सीटों पर कांग्रेस ने एकतरफा परचम लहराया है। दोनों ही महत्वपूर्ण सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने शानदार जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी और विरोधियों को करारी शिकस्त दी है।
किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के संदीप अरोड़ा को 6,077 वोटों के बड़े अंतर से पछाड़ दिया। वहीं, सिरौली कलां नगर पालिका परिषद में कांग्रेस की रशीदा बेगम ने निर्दलीय उम्मीदवार फरहीन जहां को 1,763 मतों से हराकर अध्यक्ष पद की कुर्सी अपने नाम की।

हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा था मामला
यह चुनाव परिणाम कई मायनों में बेहद खास रहा। मतदान के बाद से ही चुनाव प्रक्रिया को लेकर कानूनी दांव-पेच जारी थे। मामला पहले नैनीताल हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश और दिशा-निर्देशों के बाद प्रशासन ने मतगणना की तिथि तय की।
मतगणना किच्छा स्थित नवीन मंडी परिसर में आयोजित की गई। क्योंकि चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्रों) के जरिए हुए थे, इसलिए मतगणना प्रक्रिया लंबी चली। कुल चार राउंड की गिनती के बाद देर शाम अंतिम परिणाम घोषित किए गए।

कड़ी सुरक्षा और अधिकारियों की निगरानी में हुई गिनती
बैलेट पेपर से चुनाव और राजनीतिक गहमागहमी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मतगणना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से गिनती कराने के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
मतगणना से एक दिन पहले ही जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने मंडी परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। सुरक्षा घेरा इतना मजबूत था कि बिना अधिकृत पास के किसी भी व्यक्ति को मतगणना केंद्र के आसपास भटकने तक की इजाजत नहीं दी गई।

चुनावी मैदान का पूरा समीकरण
दोनों सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा:
- किच्छा नगर पालिका: यहाँ मुख्य मुकाबला सीधा था। बीजेपी ने संदीप अरोड़ा को मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस ने राजेश प्रताप सिंह पर दांव खेला था। राजेश प्रताप सिंह ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंत में 6,077 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
- सिरौली कलां नगर पालिका: इस सीट पर समीकरण थोड़े अलग थे। कांग्रेस ने रशीदा बेगम को अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया था, जबकि बीजेपी ने यहाँ किसी उम्मीदवार को अधिकृत रूप से सिंबल नहीं दिया था। मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरीं फरहीन जहां ने कड़ी टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन रशीदा बेगम ने 1,763 वोटों से बाजी मार ली।

मतगणना से पहले बयानों से गरमाया था माहौल
मतगणना की सुबह से ही राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस के लोग लाठी लेकर आएंगे तो बीजेपी कार्यकर्ता उनका स्वागत फूलों से करेंगे। इस तरह के बयानों से मतगणना केंद्र के बाहर दिन भर राजनीतिक तापमान चढ़ा रहा, हालांकि प्रशासनिक सख्ती के चलते पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
इस जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, वहीं बीजेपी के लिए यह परिणाम स्थानीय स्तर पर मंथन का विषय बन गया है।