नैनीताल।नैनीताल में लोकतंत्र को और अधिक मजबूत और समावेशी बनाने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत हो चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशों के आधार पर नैनीताल जनपद में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के तहत व्यापक स्तर पर विशेष अभियान का शुभारंभ कर दिया गया है। इस पूरी मुहिम का मुख्य संकल्प यही है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और हर योग्य मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित दर्ज हो सके।

विशेष पुनरीक्षण और भौतिक सत्यापन पर जोर
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य एस.आई.आर. (SIR) प्रक्रिया के दौरान हटाई गई प्रविष्टियों का दोबारा बारीकी से भौतिक सत्यापन करना है। इसके साथ ही, आम जनता की ओर से आने वाले दावों और आपत्तियों का पारदर्शी तरीके से त्वरित निस्तारण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में उन युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नव-मतदाताओं पर विशेष फोकस रखा गया है, जो हाल ही में मतदान की पात्रता हासिल कर चुके हैं। निर्वाचन आयोग की नीति बिलकुल स्पष्ट है—प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए और सूची पूरी तरह त्रुटिमुक्त हो।

घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ और विशेष शिविरों का आयोजन
अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) सक्रिय हो गए हैं। सभी बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों की हटाई गई प्रविष्टियों (ASDDO सूची) को लेकर सीधे घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इसके अलावा, नए और युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने में भी पूरी मदद दी जा रही है। जनता की सुविधा के लिए यह ASDDO सूची जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही, जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में दावे, आपत्तियों और नोटिस के चरण को तेजी से निपटाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग और सोशल मीडिया की अहम भूमिका
इस महाअभियान में युवाओं और छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिए स्वीप (SVEEP) और शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है। मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला समन्वयक स्वीप, नैनीताल रणजीत सिंह नेगी ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों, विद्यालय के प्रधानाचार्यों और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूलों के जरिए अभिभावकों तक संदेश पहुंचाया जा रहा है और पहली बार वोटर बनने वाले छात्र-छात्राओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, इस अभियान से जुड़ी हर गतिविधि, बीएलओ के अनुभवों और नए वोटर्स के उत्साह को सोशल मीडिया और प्रादेशिक मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रमुखता से प्रसारित किया जा रहा है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस अभियान का संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।