नेपाल में प्रकृति ने एक बार फिर अपना विकराल और डरावना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पड़ोसी देश नेपाल के गोरखा जिले में रविवार तड़के अचानक आई भीषण बाढ़ और मलबे के सैलाब ने भारी तबाही मचाई है। बुढ़ी गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और उग्र सैलाब आने से नदी किनारे बसे इलाकों में हाहाकार मच गया है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से दर्जनों मकान और कई महत्वपूर्ण पुल पानी में बह गए हैं, जबकि कई लोगों के लापता होने से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी और डर का माहौल बना हुआ है। राहत और बचाव दल लगातार मौके पर डटे हुए हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
तड़के चार बजे आया मलबे का तेज सैलाब
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भयानक घटना रविवार को तड़के करीब चार बजे गोरखा जिले के उत्तरी हिस्से में घटी। सुबह के वक्त जब ज्यादातर लोग अपनी नींद में थे, तभी बुढ़ी गंडक नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। नदी अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़-पौधे लेकर नीचे की तरफ बहने लगी।
तेज गति से आए इस सैलाब ने रास्ते में आने वाली हर चीज को अपनी आगोश में ले लिया। पानी और मलबे का यह वेग इतना जबरदस्त था कि स्थानीय लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका तक नहीं मिल पाया। अचानक आए इस जलप्रलय ने देखते ही देखते कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया।
छह पुल और पैंतीस से अधिक मकान जमींदोज
इस भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती प्रशासनिक रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ के तेज बहाव में कुल छह बड़े पुल पूरी तरह बह गए हैं। इन तबाह हुए पुलों में दो मोटर योग्य पुल और चार महत्वपूर्ण सस्पेंशन यानी झूला पुल शामिल हैं। इसके अलावा, नदी के आर-पार आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाले कई छोटे पैदल यात्री पुल (फुटब्रिज) भी पानी में समा गए हैं।
पुलों के बह जाने से कई पहाड़ी इलाकों का सड़क संपर्क कट गया है, जिससे राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है। वहीं, नदी किनारे बने निचले इलाकों में 35 से अधिक मकान पानी और मलबे की चपेट में आकर बह गए या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों के अंदर रखा सामान और जरूरत की चीजें भी सैलाब में नष्ट हो चुकी हैं।
दस लोग लापता, तलाश अभियान जारी
इस आपदा के बाद से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से कम से कम 10 लोग लापता हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि तेज बहाव में बहने के कारण जनहानि का आंकड़ा बढ़ सकता है। लापता लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आ गई और प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गईं। सुरक्षा बल और बचावकर्मी उफनती नदी और मलबे के बीच लापता लोगों की खोजबीन में जुटे हुए हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम और नदी के तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी और सतर्कता की अपील
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नदी के आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के किनारों से सुरक्षित दूर रहें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मौसम का मिजाज अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है, इसलिए ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ सकता है। सुरक्षा बलों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। नेपाल के इस हिस्से में आई इस आपदा ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में गर्मियों और मानसून के दौरान आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को गहरा कर दिया है।